आम बजट को लेकर वित्त मंत्री ने सभी मंत्रालयों से पूछा कितना पैसा चाहिए!

5 जुलाई को पेश होने वाले आम बजट में नई योजनाओं की घोषणा होने की उम्मीद कम है. वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों से आवंटन संबंधी मांग 7 जून तक देने को कहा है.

News18Hindi
Updated: June 6, 2019, 12:20 PM IST
आम बजट को लेकर वित्त मंत्री ने सभी मंत्रालयों से पूछा कितना पैसा चाहिए!
आम बजट को लेकर वित्त मंत्रालय ने दिया ये आदेश
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Updated: June 6, 2019, 12:20 PM IST
5 जुलाई को पेश होने वाले आम बजट में नई योजनाओं की घोषणा होने की उम्मीद कम है. वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों से आवंटन संबंधी मांग 7 जून तक देने को कहा है. अंतरिम बजट में की गई घोषणाओं के अनुसार ही आवंटन किया जाएगा. मतलब साफ है कि विभिन्न मंत्रालयों के लिए अंतरिम बजट में जो आवंटन दिए गए थे उसी आधार पर आम बजट में आवंटन किया जाएगा. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को बजट पेश करेंगी. वहीं, आर्थिक सर्वेक्षण 4 जुलाई को पेश होगा.

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को अंतरिम बजट (Interim Budget) में दी गईं टैक्स छूट और अन्य सहायताओं को चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्ण बजट में भी जारी रखने का ऐलान किया है. मंत्रालय ने एक परिपत्र में यह भी कहा कि वह सिर्फ उन आवश्यक मदों के लिए अतिरिक्त आवंटन करेगा, जिनके लिए अंतरिम बजट में आवंटन नहीं किया गया था. मंत्रालय ने कहा, अंतरिम बजट 2019-20 में किए गए आवंटनों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.



ये है बजट बनाने वाली नई टीम-सीतारमण की बजट टीम में वित्त (राज्य) मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम शामिल हैं. आधिकारिक टीम की अगुआई वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, खर्च सचिव गिरीश चंद्र मुर्मु, राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय, दीपम सचिव अतनु चक्रवर्ती और वित्तीय मामलों के सचिव राजीव कुमार करेंगे.

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क्या होता है पूर्ण बजट-नई सरकार बनने के बाद सालभर के खर्चों का लेखा-जोखा जारी किया जाता है. इसे ही पूर्ण बजट कहते हैं. इसके जरिये सरकार की प्राप्तियों (इनकम) और खर्च का ब्योरा सरकार पेश करती हैं. इसके अलावा यह पूरे साल के लिए होता है. पूर्ण बजट में आंकड़ों के जरिये सरकार संसद को बताती है कि वो आने वाले वित्त वर्ष में किस चीज पर कितना पैसा खर्च करने वाली है.

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अंतरिम बजट और पूर्ण बजट में क्या अंतर होता है
आम बजट पूरे वित्त वर्ष के लिए पेश किया जाता है, जबकि अंतरिम बजट कुछ ही महीनों के लिए पेश किया जाता है. अंतरिम बजट के कुछ महीनों बाद नई सरकार की ओर से उसी वर्ष पूर्ण बजट भी पेश किया जाता है. 

लोकसभा चुनावों से पहले अंतरिम बजट पेश करते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख तक की सालाना कमाई करने वाले नौकरी पेशा को टैक्‍स फ्री करने का ऐलान किया था, लेकिन स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ था. कहने का मतलब यह है कि अंतरिम बजट में 5 लाख तक की सालाना कमाई करने वालों को टैक्‍स देने के झंझट से मुक्‍त किया गया था. वहीं इससे अधिक कमाई वाले नौकरीपेशा लोगों को पुराने टैक्‍स स्‍लैब के तहत टैक्‍स देना होगा.

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