लाइव टीवी

बजट में इसलिए किसानों पर मेहरबान होगी मोदी सरकार, इन वादों को पूरा होने की बढ़ी उम्मीद!

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: July 4, 2019, 12:21 PM IST
बजट में इसलिए किसानों पर मेहरबान होगी मोदी सरकार, इन वादों को पूरा होने की बढ़ी उम्मीद!
किसानों पर केंद्रित हो सकता है मोदी सरकार का यह बजट

Budget 2019: मोदी सरकार ने आम बजट से ठीक पहले किसानों के लिए मुख्यमंत्रियों की हाई पावर कमेटी गठित की है, 14 फसलों की एमएसपी बढ़ा दी है. क्या किसानों की आय बढ़ाने पर भी होगा कोई बड़ा फैसला?

  • Share this:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट से ठीक पहले कृषि में व्यापक सुधार और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया है. मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों वाली यह कमेटी 2 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस इसके कन्वीनर होंगे. कर्नाटक, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, एमपी, यूपी के सीएम और केंद्रीय कृषि मंत्री इसके सदस्य होंगे. इससे पहले मोदी सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट में चुनावी वादा पूरा करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का 14.5 करोड़ परिवारों तक विस्तार किया और छोटे किसानों के लिए पेंशन की घोषणा की. बजट से पहले ही कैबिनेट ने 14 फसलों की एमएसपी बढ़ा दी है. समझा जा सकता है कि बजट में भी पीएम नरेंद्र मोदी का किसान प्रेम झलकेगा.

(1) इस स्कीम में बढ़ सकता है 2000 रुपये का फायदा-पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की रकम 6000 से बढ़कर 8000 रुपये की जा सकती है. इसकी वजह ये है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने अपने एक रिसर्च पेपर में कहा है कि PM-KISAN की रकम अगले पांच साल के लिए बढ़ाकर 6000 रुपये सालाना से 8000 रुपये करना चाहिए. यह मार्केट में फील गुड फैक्टर और उत्साह बढ़ाएगा. सभी किसानों के लिए यह स्कीम पहले ही लागू की जा चुकी है.

budget 2019, बजट 2019, union budget 2019, आम बजट, मोदी सरकार का बजट, union budget for farmers, किसानों के लिए बजट, pradhan mantri kisan samman nidhi yojana, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, sbi, एसबीआई, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, किसान क्रेडिट कार्ड, kisan credit card, farmer, किसान, नरेंद्र मोदी, narendra modi,बीजेपी, BJP, Agriculture, कृषि, kcc, bank, बैंक, modi government, मोदी सरकार         किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की तैयारी!



(2) किसानों की इनकम पर हो सकता है बड़ा फैसला-प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2016 में किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने का आश्वासन दिया था. यह सरकार का बड़ा लक्ष्य है. लेकिन अब तक यह नहीं बताया गया है कि आखिर कमेटी के गठन के बाद से अब तक कितनी आय बढ़ गई है. इसलिए किसानों की आय बढ़ाने को लेकर सरकार कोई बड़ा निर्णय ले सकती है.



हाई पावर कमेटी भी इस पर काम कर रही है. नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक, 2013 में किसानों की औसत मासिक आय 6426 रुपये थी. जबकि खर्च 6223 रुपए था. कृषि अर्थशास्त्री देविंदर शर्मा के मुताबिक 2016 के इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार देश के 17 राज्यों में किसानों की सालाना आय सिर्फ 20 हजार रुपये है. इसलिए सरकार किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइसेज की जगह कमीशन फॉर फामर्स इनकम वेलफेयर का गठन करना चाहिए.

(3) किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन-बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की लिमिट तीन लाख रुपये से बढ़ाई जा सकती है. अभी इस पर तीन लाख रुपये तक का लोन मिलता है. साथ ही सरकार केसीसी पर एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज दे सकती है.

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए बनाए गए अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि वो दोबारा सत्ता में लौटी तो एक से पांच साल तक के लिए जीरो परसेंट ब्याज पर एक लाख का कृषि कर्ज देगी. बजट में इस वादे को पूरा होने की उम्मीद है. दरअसल, किसानों की सबसे ज्यादा मौत कर्ज के बोझ तले दबकर होती है.

budget 2019, बजट 2019, union budget 2019, आम बजट, मोदी सरकार का बजट, union budget for farmers, किसानों के लिए बजट, pradhan mantri kisan samman nidhi yojana, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, sbi, एसबीआई, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, किसान क्रेडिट कार्ड, kisan credit card, farmer, किसान, नरेंद्र मोदी, narendra modi,बीजेपी, BJP, Agriculture, कृषि, kcc, bank, बैंक, modi government, मोदी सरकार         बढ़ सकती है किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट

केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से संसद में एनएसएसओ के हवाले से पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के हर किसान पर औसतन 47 हजार रुपये का कर्ज है. जबकि हर किसान पर औसतन 12130 रुपये का कर्ज साहूकारों का है.

(4) कम पानी वाली फसलों पर मिल सकता है प्रोत्साहन-नीति आयोग ने कहा है कि जल संकट के लिए सबसे धान और गन्ने की फसल भी जिम्मेदार है. इन दोनों फसलों में सबसे ज्यादा पानी की खपत है. दूसरी ओर जल संकट से पार पाने के लिए सरकार ने अभियान शुरू किया है. ऐसे में बजट में धान और गन्ने की फसल छोड़कर कम पानी वाली फसलों की खेती करने पर प्रोत्साहन मिल सकता है. हरियाणा पहला ऐसा राज्य है जिसने सबसे पहले इस हालात को गंभीरता से लेते हुए धान की खेती को डिस्करेज करने का न सिर्फ फैसला लिया बल्कि इसके लिए एक स्कीम भी बनाई. इसके तहत दूसरी फसल पर प्रति एकड़ 2000 रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी.

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि हमारी सरकार किसानों की आय दोगुनी से भी ज्यादा करने के लिए काम कर रही है. बीजेपी के संकल्प पत्र में हमने किसानों को लेकर जो वादे किए हैं वो हमारा विजन डाक्यूमेंट है. हम उसे पूरा करेंगे.

ये भी पढ़ें:

इस काम के लिए किसानों को 24 लाख रुपये देगी मोदी सरकार!

किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम में मोदी सरकार ने किया बड़ा बदलाव!

ये भी पढ़ें: Budget 2019: घर खरीदारों को मोदी सरकार दे सकती है तोहफा, कर सकती है ये ऐलान

आम बजट 2019 की सही और सटीक खबरों के लिए न्यूज18 हिंदी पर आएं. वीडियो और खबरों  के लिए यहां क्लिक करें
First published: July 4, 2019, 11:35 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading