जुलाई के पहले हफ्ते में पेश हो सकता हैं बजट, आम आदमी की इन फैसलों पर नज़र

मोदी सरकार की वापसी के बाद अब सबकी नजर जुलाई में आ रहे पूर्ण बजट पर हैं. सूत्रों की मानें तो सरकार इस बार बजट जुलाई के पहले हफ्ते में पेश कर सकती है.

News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 2:13 PM IST
जुलाई के पहले हफ्ते में पेश हो सकता हैं बजट, आम आदमी की इन फैसलों पर नज़र
जुलाई के पहले हफ्ते में पेश हो सकता हैं बजट, आम आदमी की इन फैसलों पर नज़र
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Updated: May 30, 2019, 2:13 PM IST
मोदी सरकार की वापसी के बाद अब सबकी नजर जुलाई में आ रहे पूर्ण बजट पर है. सूत्रों की मानें तो सरकार इस बार बजट जुलाई के पहले हफ्ते में पेश कर सकती है. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई तारीख जारी नहीं हुई है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जुलाई में पेश होने वाले फुल बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं होगा. रेवेन्यू कलेक्शन में कमी इसकी वजह बनी है. बजट के बाद डायरेक्ट टैक्स पर टास्क फोर्स की रिपोर्ट आएगी. डायरेक्ट टैक्स में फिलहाल बदलाव नहीं किया जाएगा.

राजस्व संग्रह में आई कमी आयकर में बड़ी राहत देने की राह में रोड़ा बन गई है. सरकार डायरेक्ट टैक्स में सुधारों को लेकर फिलहाल हड़बड़ी में नहीं है. हालांकि आम आदमी को राहत देने के लिए टैक्स के अलावा दूसरे कदम उठाए जा सकते हैं. बता दें कि अंतरिम बजट में सरकार ने पांच लाख तक की टैक्सेबल आय पर पूरी छूट दी थी.

क्या होता है पूर्ण बजट
नई सरकार बनने के बाद सालभर के खर्चों का लेखा-जोखा जारी किया जाता है. इसे ही पूर्ण बजट कहते हैं. इसके जरिये सरकार की प्राप्तियों (इनकम) और खर्च का ब्योरा सरकार पेश करती हैं. इसके अलावा यह पूरे साल के लिए होता है. पूर्ण बजट में आंकड़ों के जरिये सरकार संसद को बताती है कि वो आने वाले वित्त वर्ष में किस चीज पर कितना पैसा खर्च करने वाली है.

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अंतरिम बजट और पूर्ण बजट में क्या अंतर होता है
आम बजट पूरे वित्त वर्ष के लिए पेश किया जाता है, जबकि अंतरिम बजट कुछ ही महीनों के लिए पेश किया जाता है. अंतरिम बजट के कुछ महीनों बाद नई सरकार की ओर से उसी वर्ष पूर्ण बजट भी पेश किया जाता है.
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वित्त मंत्रालय में शुरू हुई तैयारी
वित्त मंत्रालय ने बजट को पेश करने के लिए अपनी तैयारी को शुरू कर दिया है. सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्रालय ने नई सरकार के गठन के बाद पेश होने वाले पूर्ण बजट का खाका पूरी तरह से तैयार हो गया हैं.

लोकसभा चुनावों से पहले अंतरिम बजट
पेश करते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख तक की सालाना कमाई करने वाले नौकरी पेशा को टैक्‍स फ्री करने का ऐलान किया था, लेकिन स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ था. कहने का मतलब यह है कि अंतरिम बजट में 5 लाख तक की सालाना कमाई करने वालों को टैक्‍स देने के झंझट से मुक्‍त किया गया था. वहीं इससे अधिक कमाई वाले नौकरीपेशा को पुराने टैक्‍स स्‍लैब के तहत टैक्‍स देना होता है.

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First published: May 30, 2019, 1:16 PM IST
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