Budget 2019: 5 जुलाई को मोदी सरकार के सामने होंगी ये 5 चुनौतियां

5 जुलाई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. 5 पॉइंट्स में बताते हैं कि मोदी सरकार के सामने इस आम बजट को लेकर क्या चुनौतियां हैं.

News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 1:39 AM IST
Budget 2019: 5 जुलाई को मोदी सरकार के सामने होंगी ये 5 चुनौतियां
Budget 2019: 5 जुलाई को मोदी सरकार के सामने होंगी ये 5 चुनौतियां
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Updated: July 5, 2019, 1:39 AM IST
5 जुलाई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. इस बार के बजट में उनके सामने अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने की चुनौती है. सीतारमण एक ऐसे समय में बजट पेश करने जा रही हैं जब भारतीय इकॉनमी के हालात अच्छे नहीं हैं. भारत के लोग रोजगार में कमी, बचत और उपभोग में गिरावट, मानसून की खराब शुरुआत, कम विकास दर और ट्रेड वार की वजह से कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. चलिए आपको 5 पॉइंट्स में बताते हैं की मोदी सरकार के सामने इस आम बजट को लेकर क्या हैं चुनौतियां.

1. टैक्स में कटौती
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उपभोग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में कमी की घोषणा कर सकती हैं. इसके तहत सभी टैक्सपेयर्स के लिए छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जा सकती है. इसके अलावा सभी कंपनियों के लिए यूनिफॉर्म कॉर्पोरेट टैक्स 25% करने की घोषणा हो सकती है.

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2. विकास दर में इजाफा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ग्रोथ को गति देने के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकती हैं. विकास दर 5 साल के सबसे निचले स्तर पर आ चुकी है. वित्त वर्ष 2015 में 7.5 फीसदी की रफ्तार से अर्थव्यवस्था आगे बढ़ी, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 6.8 फीसदी रही. इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में खर्च को बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा हो सकती है. फंड जुटाने के लिए बॉन्ड लाया जा सकता है.

3. रोजगार में वृद्धि के बनानी होगी योजना
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रोजगार में वृद्धि के लिए काफी समय से अटके श्रम सुधारों को बढ़ावा दिया जा सकता है. इसके तहत नियोक्ताओं को नौकरी देने और हटाने को लेकर नियमों में लचीलापन लाया जा सकता है. नियुक्तियों पर अधिक प्रोत्साहन और सरकारी नौकरी में इजाफे जैसे कदम उठाए जा सकते हैं. स्टार्टअप्स के लिए भी प्रोत्साहन की घोषणा की जा सकती है.

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4. नए टैक्सों की घोषणा
सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए कुछ नए टैक्सों की घोषणा भी कर सकती है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस में वृद्धि की जा सकती है तो सरकार उत्तराधिकार कर यानी कि इनहेरिटेंस टैक्स की वापसी कर सकती है. बैकिंग ट्रांजेक्शन टैक्स से राजस्व वृद्धि की जा सकती है. इसके अलावा अधिक आमदनी पर सरचार्ज भी लगाया जा सकता है.

5. किसानों के लिए पैकेज
सीतारमण ग्रामीण इलाकों में खर्च को बढ़ावा देने के लिए कुछ उपायों की घोषणा कर सकती हैं. किसानों के लिए ब्याज दरों में कमी की जा सकती है तो खाद के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का इस्तेमाल हो सकता है. अंतरिम बजट में सरकार ने मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया था, जोकि वित्त वर्ष 17 में 38,500 करोड़ रुपये था.

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First published: July 5, 2019, 1:32 AM IST
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