Union Budget 2019: निर्मला सीतारमण से देश ने पाल रखी हैं ये 10 बड़ी उम्मीदें

Indian Union Budget 2019 in Hindi: एक तरफ आम जनता पहली वित्त मंत्री के बजट से सेविंग अकाउंट के ब्याज दर में बढोतरी की उम्मीद पाले बैठी है तो दूसरी ओर फाइनेंसियल सेक्टर भी ऐसी ही उम्मीदें लगाए बैठा है. पढ़िए उन 10 चीजों के बारे में जो हैं इस बजट में सबसे अहम.

News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 8:42 AM IST
Union Budget 2019: निर्मला सीतारमण से देश ने पाल रखी हैं ये 10 बड़ी उम्मीदें
यूनियन बजट 2019 में सबसे ज्यादा उम्मीदें कृषि क्षेत्र में काम करने वालों ने लगाई है.
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Updated: July 5, 2019, 8:42 AM IST
सदन में पहली बार शुक्रवार को एक महिला वित्त मंत्री केंद्रीय बजट पेश करेंगी. दूसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ऐतिहासिक जीत के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एक मजबूत आम बजट की उम्मीद की जा रही है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार की दूसरी पारी के पहले बजट से इन 10 चीजों को लेकर आसार लगाए जा रहे हैं.

टैक्स रेट में कमी
डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में अमेरिका में कॉर्पोरेट टैक्स के 30 प्रतिशत से घटकर 21 प्रतिशत होने के बाद से लगातार भारत में भी टैक्स में कटौती की उम्मीद की जा रही है.

लाभांश वितरण कर (DDT) के मुद्दे

कई सारे कॉर्पोरेट संस्‍थानों ने का यह सुझाव है कि डीडीटी को 20 फीसदी से घटकार 10 फीसदी कर देना चाहिए.

निजी कर
बजट को लेकर जहां कहीं आम लोगों को सुझाव देने का मौका लगा सबने निजी कर में सरकार से राहत मांगी है. सबसे तीन लाख रुपये से शुरू होने वाले आयकर के स्लैब को कम से कम पांच लाख रुपये शुरू करने की मांग की है.
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कई सारे कॉर्पोरेट संस्‍थानों ने का यह सुझाव है कि डीडीटी को 20 फीसदी से घटकार 10 फीसदी कर देना चाहिए.


दो लाख की कैश लिमिट
कई औद्योगिक घरानों ने पहली वित्त मंत्री से मांग की है वे दो लाख रुपये की कैश लिमिट में राहत दें. अभी सरकारी नियमों के अनुसार दो लाख रुपये से ज्यादा की रकम नकदी में नहीं दी या ली जा सकती.

भूम‌ि सुधार
औद्योगिक घराने आज भी जमीन को लेकर काफी संघर्ष कर रहे हैं. उन्हें अपनी इंडस्ट्री स्‍थापित करने लिए मनमाफिक जमीन नहीं ‌मिल पाती. ऐसे में वे चाहते हैं कि सरकार भू‌मि के कानूनों को लेकर ज्यादा स्पष्ट हो. साथ ही कृषि को निजी क्षेत्र के निवेश के लिए खोलें.

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निर्यात प्रोत्साहन
इन दिनों भारत का निर्यात क्षेत्र उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर रहा है. ऐसे में निर्यात क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले कई औद्यौगिक घरानों ने निर्यात क्षेत्र को ज्यादा प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई है.

ब्याज दर
एक तरफ आम जनता पहली वित्त मंत्री के बजट से सेविंग अकाउंट के ब्याज दर में बढोतरी की उम्मीद पाले बैठी है तो दूसरी ओर फाइनेंसियल सेक्टर भी ऐसी ही उम्मीदें लगाए बैठा है.



कृषि क्षेत्र
यूनियन बजट 2019 में सबसे ज्यादा उम्मीदें कृषि क्षेत्र में काम करने वालों ने लगाई है. क्योंकि भारत सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा कर रखा है.

हेल्‍थकेयर इंडस्ट्री
मोदी सरकार पहले आयुष्मान भारत योजना से भारत की हेल्‍थकेयर इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव कर चुकी है. लेकिन इसके अलावा कई बड़े हेल्‍थ चेकअप की दरों को लेकर नियमन की मांग जा रही है. फिलहाल इनकी दरें पांच हजार रुपये से बीस हजार रुपयों तक वसूला जा रहा है.

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‌शिक्षा क्षेत्र
देश में लगातार निजी स्कूल, कॉलेजों और उच्च शिक्षा संबं‌धित तकनीकी और बिजनेस स्कूलों की आसमान छूती फीस पर नियमन की मांग की रही है. इस बजट से भी ऐसी ही उम्मीद की जा रही हैं.

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First published: July 5, 2019, 8:42 AM IST
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