सरकार की गारेंटेड पेंशन स्कीम में बड़े बदलाव की तैयारी, नहीं लगेगा टैक्स

सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक NPS को पूरी तरह टैक्स फ्री बनाने का प्लान है.

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 4:25 PM IST
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Updated: July 3, 2019, 4:25 PM IST
अगर आप नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में निवेश कर रहे हैं तो बजट में मोदी सरकार आफको बड़ा तोहफा दे सकती है. सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक NPS को पूरी तरह टैक्स फ्री बनाने का प्लान है. NPS को रिटायरमेंट के बाद के बचत स्कीम्स EPF और PPF जैसे आसान बनाया जा सकता है. यानी इससे मिलने वाला रिटर्न टैक्स फ्री हो सकता है. बजट में इस दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं.

फिलहाल NPS से 60 फीसदी निकासी है टैक्स फ्री
साल 2018 में केंद्र सरकार ने NPS में जमा रकम से 60 फीसदी निकासी को टैक्स फ्री कर दिया था. इसके साथ ही एनपीएस के टीयर-2 खाते में जमा रकम पर 80सी के तहत छूट की सीमा को 3 साल के लॉक इन पीरियड को समाप्त करने की योजना थी. उम्मीद है कि इस बजट में इस बार NPS को निवेशकों के बीच आकर्षक बनाने के लिए 100 फीसदी निकासी कर मुक्त और 80सी के तहत कर छूट की समय सीमा को खत्म करने की घोषणा वित्त मंत्री कर सकती हैं.

NPS को EEE का दर्जा मिलेगा

PPF और EPF की तरह ही NPS को EEE का दर्जा मिलेगा. अभी NPS से पैसे निकालने पर आंशिक टैक्स छूट मिलती है यानी सिर्फ 40 फीसदी रकम पर टैक्स छूट मिलती है. सरकारी कर्मचारियों को भी टैक्स छूट मिल सकती है. NPS के टियर II में निवेश पर टैक्स छूट संभव है. हालांकि 3 साल लॉक इन पीरियड की शर्त के साथ टैक्स छूट मिल सकती है. ये भी पढ़ें: मोदी सरकार आम आदमी पर 34 साल बाद फिर से लगा सकती हैं ये टैक्स



क्या है EEE स्टेटस
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EEE टैक्स स्टेट का मतलब निवेश, कमाए गए ब्याज और मैच्योरिटी की रकम पर टैक्स से छूट है.

टियर II में निवेश करने को 80C में छूट
NPS के तहत टियर II में निवेश करने वाले सरकारी कर्मचारियों को इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत 1.50 लाख रुपये के भीतर टैक्स छूट हासिल होगी.

स्कीम में कौन कर सकता है निवेश
NPS सभी भारतीय नागरिकों के लिए है. 18-60 साल का कोई भी व्यक्ति स्कीम में निवेश कर सकता है. कर्मचारी की ओर से कंपनी भी इसमें योगदान कर सकती है. वहीं, कर्मचारी अपने आप भी स्कीम में कॉन्ट्रिब्यूशन कर सकते हैं. अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए भी यह खुली है. इसमें ऑनलाइन निवेश का विकल्प है. इस स्कीम में लॉक-इन अवधि होती है. हालांकि, कुछ खास मामलों में आंशिक निकासी की अनुमति है. स्कीम की मैच्योरिटी तक इसमें से बड़ी रकम नहीं निकाली जा सकती है. स्कीम में निवेशकों को अपनी पसंद के अनुसार निवेश विकल्प चुनने का मौका मिलता है.



निवेश पर कैसे मिलती है छूट
स्कीम में निवेश पर सेक्शन 80सीसीडी के तहत डिडक्शन मिलता है. इसकी सीमा 1.50 लाख रुपये है. सेक्शन 80सीसीडी (1बी) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की छूट है. बेसिक सैलरी के 10 फीसदी तक कंपनी के कॉन्ट्रिब्यूशन पर भी डिडक्शन का प्रावधान है.

निकासी और टैक्स
मैच्योरिटी पर भी NPS से पूरी की पूरी रकम नहीं निकाल सकते हैं. स्कीम के बंद होने पर जुटी रकम का 40 फीसदी एन्युटी को खरीदने में इस्तेमाल करना पड़ता है. केवल बाकी के 60 फीसदी का भुगतान होता है. वैसे एन्युटी में 40 फीसदी रकम के ट्रांसफर पर टैक्स छूट मिलती है. बाकी एकमुश्त निकाली गई 60 फीसदी रकम में अभी 40 फीसदी पर टैक्स नहीं लगता है. जबकि बची हुई रकम 20 फीसदी के टैक्स दायरे में आती है.

(आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: July 3, 2019, 2:33 PM IST
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