किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने अब ई-मंडी को लेकर उठाया ये बड़ा कदम

किसानों की आमदनी डबल करने को लेकर सरकार तेजी कदम उठा रही है. इस कड़ी में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए ई-मंडी का दायरा बढ़ाने पर काम कर रही है.

News18Hindi
Updated: June 12, 2019, 1:37 PM IST
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने अब ई-मंडी को लेकर उठाया ये बड़ा कदम
सरकार की ई-मंडी के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने की तैयारी पूरी!
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Updated: June 12, 2019, 1:37 PM IST
किसानों की आमदनी डबल करने को लेकर सरकार तेजी कदम उठा रही है. इस कड़ी में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए ई-मंडी का दायरा बढ़ाने पर काम कर रही है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ई- मंडियों से राज्यों की बीच आसानी से कारोबार हो सके इसके लिए सभी मंडियों को तेजी से आपस में जोड़ने का काम चल रहा है . ट्रेडर्स अब खरीदारी से पहले कमोडिटीज़ की क्लालिटी चैक कर सके इसके लिए सरकार ने देश की सभी मंडियों में क्वालिटी चैक लैब बनाने का भी फैसला किया है. आपको बता दें कि मंगलवार को कृषि क्षेत्र से जुड़े बड़े विशेषज्ञ और किसान संगठनों ने बजट को लेकर कई सुझाव दिए है. सरकार मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में फूड प्रोसेसिंग और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है.

किसानों की आमदनी बढ़ाने का नया प्लान तैयार


>> मोदी सरकार देश में ई-मंडियों का दायरा बढ़ाने जा रही है.
>> देश में फिलहाल ई-मंडियों की संख्या 585 है.

>> सरकार 200 नई ई-मंडिया और शुरू करेगी.

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>> देश में साल के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 785 होगी.
>> सरकार देश की सभी मंडी में लैब स्थापित करेगी.
>> लैब स्थापित करने के लिए कृषि मंत्रालय हर मंडी को 3 लाख रुपये देगा.
>> इन लैब्स में खरीदारी से पहले क्वालिटी टैस्ट होगा.
>> इसके बाद किसानों को सर्टिफिकेट मिलेगा
>> अभी 125 कमोडिटीज़ का ई-मंडी के जरिए ट्रेडिंग होती है
>> साल के अंत तक सरकार ने 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित राज्यों की मंडिया जोड़ने की योजना बनाई है.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पूर्व सलाहकार समिति की बैठक में कृषि विशेषज्ञों ने कृषि उपजों और डेयरी उत्पादों पर जीएसटी घटाकर पांच फीसदी करने के अलावा कृषि सहकारी समितियों को कर मुक्त रखने की सिफारिश की है. सीतारमण पांच जुलाई को आम बजट पेश करेंगे.

(असीम मनचंदा, संवाददाता, CNBC आवाज़)
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