Budget पर बोले अरुण जेटली- अब किसानों के लिए घड़ियाली आंसू न बहाए विपक्ष

अरुण जेटली ने कैग की रिपोर्ट का हवाला देत हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार 70 हजार करोड़ रुपए की कर्जमाफी की थी. लेकिन कैग की रिपोर्ट के मुताबिक केवल 52 हजार करोड़ रुपये की कर्ज माफी हुई थी.

News18Hindi
Updated: February 1, 2019, 11:32 PM IST
Budget पर बोले अरुण जेटली- अब किसानों के लिए घड़ियाली आंसू न बहाए विपक्ष
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Updated: February 1, 2019, 11:32 PM IST
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया. जिसमें किसानों को खाते में 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष देने का ऐलान किया गया. जिसके बाद इलाज कराने अमेरिका गए केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने भी इस बजट पर प्रतिक्रिया दी है. जेटली ने विपक्षी नेताओं द्वारा किसानों की राहत रकम को कम बताने पर कहा कि विपक्ष किसानों के लिए मगरमच्छ के आंसू न बहाए.

किसानों को हर साल 6 हजार रुपये देने की घोषणा पर विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की है, जिसपर अरुण जेटली ने कहा कि कई राज्यों में विपक्ष की सरकार है तो उन्हें भी इस स्कीम को लॉन्च करने के बारे में सोचना चाहिए. आज विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा है, लेकिन जब वे सत्ता में थे तब किया क्या? यूपीए ने अपने 10 सालों के शासन में क्या किया?

अरुण जेटली ने कैग की रिपोर्ट का हवाला देत हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार 70 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी की थी. लेकिन कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 52 हजार करोड़ रुपये की कर्ज माफी हुई थी, वो भी किसानों की नहीं बिजनेसमैन की.



अरुण जेटली ने कहा कि यह बजट दर्शाता है कि सरकार किस तरह से काम कर रही है.


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बजट को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर जेटली ने 2009 अंतरिम बजट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी भी अंतरिम बजट में नहीं थे, लेकिन इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने बड़े पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें उत्पाद शुल्क दो प्रतिशत घटा दिया गया था. तब भी इसी तरह की बहस हुई थी.



2014 के बजट का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि 2014 में चिदंबरम ने इंजीनियरिंग उत्पादों और ऑटोमोबाइल समेत कई उत्पादों पर ड्यूटी में छूट दी. तो उसी तरह का तर्क अब भी दिया जा सकता है. बजट किसी भी संसदीय लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा होते हैं.

नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन (NSSO)के नौकरी से जुड़े आंकड़ों पर सफाई देते हुए अरुण जेटली ने इसे झूठा करार दिया. उन्होंने कहा कि यह आंकड़े केवल ड्राफ्ट थे, जिसे अप्रूव नहीं किया गया था. हमारी अर्थव्यवस्था जिस तेजी से बढ़ रही है ऐसे में यह कहना गलत होगा कि नौकरी पैदा नहीं हो रही है.

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