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म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने पर मिलेगा ज्यादा मुनाफा, बजट में इससे जुड़े टैक्स में बड़े बदलाव की तैयारी

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Updated: January 23, 2020, 3:35 PM IST

पिछले 2 साल से इक्विटी मार्केट (Equity Market) जिस लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स यानी LTCG से परेशान है, उससे बजट में बड़ी राहत मिल सकती है. CNBC-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, सरकार बजट में कुछ शर्तों के साथ LTCG की प्रभावी दर जीरो कर सकती है.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 3:35 PM IST
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नई दिल्ली. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को LTCG में बड़ी राहत मिल सकती है. पिछले 2 सालों से इक्विटी मार्केट (Equity Market) जिस लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स यानी LTCG से परेशान है, उससे बजट में बड़ी राहत मिल सकती है. CNBC-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, सरकार बजट में कुछ शर्तों के साथ LTCG की प्रभावी दर जीरो कर सकती है.सूत्रों के मुताबिक, बजट में LTCG में बड़ी रियायत देते हुए सरकार इक्विटी और नॉन इक्विटी प्रोडक्ट पर बड़ी राहत दे सकती है. बजट में म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds), वेंचर कैपिटल (Venture Capital), रियल एस्टेट (Real Estate) को भी बड़ी राहत संभव है.

हो सकता है ये विकल्प
LTCG के तहत 1 साल की समय सीमा बढ़ाकर 3 साल करने पर विचार किया जा रहा है. 1 साल तक केवल 15 फीसदी LTCG का प्रावधान हो सकता है. 1 से 3 साल तक 10 फीसदी LTCG रखा जा सकता है और 1 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री की जा सकती है. 3 साल से ज्यादा की अवधि पर कोई LTCG नहीं लगाने का फैसला मुमकिन है. ये भी पढ़ें: पेंशन पाने वालों के लिए बड़ी खबर! बजट में टैक्स छूट बढ़कर हो सकती हैं 50 हजार रुपये



क्या है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन?
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में घर, प्रॉपर्टी, बैंक एफडी, ज्वेलरी, बॉन्ड, एनपीएस और कार आदि से हुए मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्‍स लगता था, लेकिन अब इसमें स्टॉक मार्केट भी शामिल हो गया है.

दो घर की बेचने की सीमा पर राहतरियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार बड़ा कदम उठा सकती है. फिलहाल, दो घर बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगता है. अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री का कहना है कि रियल एस्टेट को बढ़ावा देने के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स में कटौती की जाए. वहीं दो घर की सीमा को बढ़ाई जाए ताकि खरीद-बिक्री ज्यादा से ज्यादा हो.

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इसके अलावा, नॉन-लिस्टेड कंपनियों के वेंचर कैपिटल को बढ़ावा देने के लिए टैक्स को तर्कसंगत बनाया जाएगा. यहां अभी सरचार्ज का प्रावधान है. इसमें बजट में बदलाव हो सकता है.

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर- CNBC आवाज़)

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First published: January 23, 2020, 3:27 PM IST
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