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होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाए : CII

घर खरीदारों को बजट में मिले ज्यादा टैक्स बेनिफिट्स

घर खरीदारों को बजट में मिले ज्यादा टैक्स बेनिफिट्स

Budget 2020: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने कहा है कि नकदी संकट से जूझ रहे रियल एस्टेट क्षेत्र (Real Estate Sector) में मांग बढ़ाने के लिये आगामी बजट में घर खरीदारों को मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स (Tax Benefits) बढ़ाये जाने चाहिये.

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    नई दिल्ली. देश के प्रमुख उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने घर खरीदारों (Home Buyers) को बजट (Budget 2020) में अधिक टैक्स बेनिफिट्स दिये जाने का आग्रह किया है. उद्योग मंडल ने कहा है कि नकदी संकट से जूझ रहे रियल एस्टेट क्षेत्र (Real Estate Sector) में मांग बढ़ाने के लिए आगामी बजट में घर खरीदारों को मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स बढ़ाए जाने चाहिए.

    CII ने कहा है कि 6 से 7 फीसदी की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर हासिल करने के लिए आवास क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए बेहतर योजना लाना काफी महत्वपूर्ण है. उद्योग संगठन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana) के तहत घर खरीदारों के लिए तय आय सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है.

    पीएम आवास योजना के तहत आय सीमा बढ़े
    उद्योग मंडल ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र को सरकार की ओर से नकदी समर्थन उपलब्ध कराने के उपाय करने की जरूरत है. इसके साथ ही क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए पहल होनी चाहिए. बयान के अनुसार, रियल एस्टेट क्षेत्र पिछले कुछ सालों से दबाव झेल रहा है. इसके साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र नकदी की समस्या से भी जूझ रहा है. ऐसे में सीआईआई सरकार से मांग बढ़ाने के लिए मकान खरीदारों के लिए कर लाभ बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आय सीमा बढ़ाने का आग्रह करता है.

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    होम लोन पर ब्याज छूट की सीमा बढ़कर 5 लाख की जाए
    उद्योग मंडल ने बजट से पहले दिये अपने सुझावों में कहा है कि रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देने के लिए कार्य योजना बनाने की जरूरत है. सीआईआई के बयान में कहा गया है, मकान कर्ज पर देय ब्याज पर अधिकतम टैक्स छूट 2,00,000 रुपये से बढ़ाकर 5,00,000 रुपये की जानी चाहिए.

    MIG-I और MIG-II श्रेणी के लिए इनकम दायरा बढे
    साथ ही सरकार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत MIG-I और MIG-II श्रेणी के लिए पात्रता मानदंड मौजूदा 12 और 18 लाख रुपये से बढ़ाकर 18 और 25 लाख रुपये करने पर विचार करना चाहिए.

    सीआईआई ने कहा, 'इस योजना से समाज का बड़ा तबका लाभान्वित होगा और मांग बढ़ेगी.' इसके अलावा उद्योग मंडल ने एकीकृत टाउनशिप और आवास क्षेत्र को बुनियादी ढांचा का दर्जा दिये जाने की भी मांग की. इससे कंपनियों को कम लागत पर प्राथमिकता के आधार पर कर्ज मिल सकेगा.

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