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इनकम टैक्स विवाद निपटारे के लिए बजट में खास स्कीम का ऐलान कर सकती है सरकार

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 5:31 PM IST

सूत्रों के मुताबिक इस स्कीम के तहत टैक्स विवाद (Tax Dispute) में फंसी रकम पर विशेष रियायत दी जाएगी. सरकार का फोकस इनकम टैक्स (Income Tax) विवादों के शीघ्र निपटारे पर है.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 5:31 PM IST
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नई दिल्ली. एक फरवरी को पेश होने वाले बजट 2020 (Budget 2020) में इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े विवाद निपटारे के लिए सरकार (Government) खास स्कीम का ऐलान कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक इस स्कीम के तहत टैक्स विवाद में फंसी रकम पर विशेष रियायत दी जाएगी. सरकार का फोकस इनकम टैक्स विवादों के शीघ्र निपटारे पर है.

विवाद निपटाने पर पेनाल्टी, ब्याज पर छूट
सूत्रों के मुताबिक, विवाद खत्म करने के लिए 'सबका विश्वास स्कीम' (Sabka Vishwas Scheme) के तर्ज पर नयी स्कीम संभव है. इसमें टैक्स विवाद सुलझाने के लिए मौका मिलेगा. विवाद सुलझाने पर पेनाल्टी और ब्याज से छूट मिलेगी. विवाद की मूल रकम पर भी छूट संभव है. ये नई स्कीम 2016 की स्कीम से ज्यादा आकर्षक हो सकती है. इससे आपराधिक मामले वाले विवाद बाहर रहेंगे. ये भी पढ़ें: किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई योजना ला रही है सरकार, खर्च करेगी 10 हजार करोड़ रुपये!

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आंकड़ों के मुताबिक FY2017-18 तक 6.23 लाख करोड़ विवादों में अटके हुए थे. करीब 4 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स में अटके हुए हैं. बता दें कि सबका विश्वास स्कीम पिछले बजट में आई थी. सर्विस टैक्स (Service Tax), एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में सबका विश्वास लागू है. इस स्कीम में 95 फीसदी विवाद निपटे है और 35,000 करोड़ रुपये मिले हैं. सबका विश्वास में मूल रकम में 70 फीसदी तक छूट मिलती है.

टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद
वित्त मंत्री पर्सनल इनकम टैक्स स्लैब रेट्स में राहत दे सकती हैं. फिलहाल, सालाना 5 लाख रुपये (रिबेट के बाद) की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होता है. हालांकि, बेसिक छूट सीमा 2.50 लाख रुपये बढ़ाकर 5 लाख रुपये नहीं की गई है. अक्टूबर 2019 में टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 97 लाख से अधिक इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स ने 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच इकनम की और इन टैक्सपेयर्स 45,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ.यह भी पढ़ें: ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वालों के लिए बड़ी खबर, इतने रु तक महंगा हुआ खाना मंगाना

मौजूदा महंगाई और आर्थिक सुस्ती को देखते हुए वित्त मंत्री टैक्स स्लैब को बढ़ाकर आम आदमी के डिस्पोजेबल इनकम को बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं. हालांकि टैक्स स्लैब बढ़ाने से सरकार को डायरेक्ट टैक्स राजस्व में कमी आ सकती है.

(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर- CNBC आवाज़)

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First published: January 27, 2020, 5:31 PM IST
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