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स्मार्टफोन से लेकर ये सभी 50 चीजें हो जाएंगी महंगी! अगर बजट में हुआ ये फैसला

News18Hindi
Updated: January 25, 2020, 4:46 PM IST
स्मार्टफोन से लेकर ये सभी 50 चीजें हो जाएंगी महंगी! अगर बजट में हुआ ये फैसला
बजट के बाद स्मार्टफोन्स महंगे हो सकते हैं.

1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में केंद्र सरकार 50 वस्तुओं पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ा सकती है. पिछले साल जुलाई में भी बजट में सरकार ने 75 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया था.

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  • Last Updated: January 25, 2020, 4:46 PM IST
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नई दिल्ली. भारत अब विदेशों से आयात किए जाने वाले करीब 50 वस्तुओं पर आयात शुल्क (Import Duty) लगाने जा रहा है. इनमें इले​क्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल गुड्स, केमिकल्स एंड हैंडक्राफ्ट्स जैसे आइटम्स शामिल हैं. इंडस्ट्री के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, चीन व अन्य देशों से 56 अरब डॉलर कीमत की वस्तुओं के आयात पर सरकार इस शुल्क को लगा सकती है. वित्त मंत्री ​निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) इसके बारे में बजट 2020 (Budget 2020) में 1 फरवरी को ऐलान कर सकती हैं. माना जा रहा है कि मौजूदा अर्थव्यवस्था की हालत को देखते हुए यह कदम उठाया जा सकता है.

महंगी हो जाएंगी ये वस्तुएं
उच्च कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) लगाने के बाद मोबाइल फोन चार्जर, इंडस्ट्रियल केमिकल्स, लैम्प्स, वूडेन फर्नीचर, कैंडिल, ज्वेलरी और हैंडक्राफ्ट महंगे हो सकते हैं. इस मामले से संबंध रखने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी है. सरकार के इस कदम से स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स के लिए चार्जर, वाइब्रेटर मोटर्स और रिंगर्स जैसे पार्ट्स को आयात करना महंगा हो जाएगा.

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​IKEA के लिए चुनौती
साथ ही भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी IKEA के ​लिए भी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं. IKEA ने पहले भी कहा था कि उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती भारत में उच्च कस्टम ड्यूटी है. केंद्र सरकार ने उन वस्तुओं की पहचान कर ली है जिनपर 5 से 10 फीसदी तक आयात शुल्क बढ़ाया जाएगा.क्वलिटी स्टैंडर्ड पर भी विचार कर रही है सरकार
सरकार के इस कदम से गैर-जरूरी वस्तुओं के आयात पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी. आयात शुल्क में इजाफा करने से लोकल मैन्युफैक्चरर्स को भारतीय बाजार में मदद मिल सकेगा. खासकर तब, जब घरेलू बाजार में सस्ते चीनी उत्पादों के आयात पर रोकथाम लगेगी. एक अन्य अधिकारी के मुताबिक, इसके अलावा 'क्वालिटी स्टैंडर्ड्स' पर भी विचार कर रही है, क्योंकि भारत में आयात किए जाने वाले सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी स्टैंडर्ड्स के लिए 10 फीसदी टैरिफ लगाने का प्रावधान है.

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​पिछले साल जुलाई में 75 आइटम्स पर लगा था आयात शुल्क
बजट से पहले व्यापार मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से ब्रांडर एडजस्टमेंट टैक्स यानी बैट लगाने की भी मांग की है लोकल प्लेयर्स के लिए बाजार में समानता आ सके. लोकल प्लेयर्स को भी कई तरह टैक्स देना होता है, जैसे इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, ईंधन पर टैक्स आदि. बता दें कि पिछले साल जुलाई में केंद्र सरकार ने करीब 75 आइटम्स पर आयात शुल्क बढ़ाया था. इसमें सोना, ऑटोमोबाइल पार्ट्स आदि शामिल था. सरकार ने इसे जुलाई में पेश किए जाने वाले बजट में बढ़ाया था.

आयात शुल्क लगाने से व्यापार घाटा कम हुआ
बीते कई साल से निर्यात के मुकाबले भारत में वस्तुओं का आयात लगातार बढ़ रहा है. लेकिन, पिछले साल अप्रैल-दिसंबर के बीच इसमें 8.90 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि, इस ​दौरान निर्यात में भी मामूली 2 फीसदी की गिरावट आई है. इससे अप्रैल-दिसंबर के बीच व्यापार घाटे को कम करने में भी मोदी सरकार को मदद मिली है. ​2018 के 148 अरब डॉलर के मुकाबले अप्रैल-दिसंबर 2019 के बीच कुल व्यापार घाटा 118 अरब डॉलर रहा.

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First published: January 25, 2020, 3:29 PM IST
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