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बजट 2020: पेपर, जूट और पल्प इंडस्ट्री के लिए हो सकते हैं बड़े ऐलान

News18Hindi
Updated: December 16, 2019, 5:30 PM IST

इस बार के बजट में सरकारी और निजी क्षेत्र में जूट पैकेजिंग (Jute Packaging) को बढ़ावा देने के ऐलान हो सकते हैं. इसके लिए सरकार जरूरी नियमों में बदलाव कर सकती है.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 5:30 PM IST
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नई दिल्ली. आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट (Budget 2020) में सरकार पेपर (Paper)और जूट इंडस्ट्री (Jute Industry) के लिए बड़े ऐलान कर सकती है. सूत्रों के हवाले एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इस पर बजट में सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) के खिलाफ कदम उठाते हुए पेपर, जूट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ऐलान हो सकते हैं. पेपर और जूट इंडस्ट्री को नई तकनीक अपनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर इंसेंटिव्स मिल सकते हैं.

इस बार के बजट में सरकारी और निजी क्षेत्र में जूट पैकेजिंग को बढ़ावा देने के ऐलान हो सकते हैं. इसके लिए सरकार जरूरी नियमों में बदलाव कर सकती है. इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय में बातचीत भी हो रही है. वित्त मंत्रालय ने कपड़ा मंत्रालय से जूट पैकेजिंग को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास कदम उठाएं और इसको एक इकोफ्रेंडली कदम के तहत लें. ये भी पढ़ें: प्याज के बाद अब दोगुने हो गए आलू के दाम, 10 दिन में 100 फीसदी बढ़ी कीमत



पेपर और पल्प सेक्टर के लिए खास कार्यक्रम

पेपर और पल्प सेक्टर के लिए खास स्कीमों की भी घोषणा हो सकती है. पेपर और जूट इंडस्ट्री के लिए टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन एसिसटेंस प्रोग्राम (T-MAP) लाया जा सकता है. इसकी सिफारिश 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत टास्क फोर्स ने की थी. हो सकती है इसका ऐलान बजट में किया जाए.

पिछले 8 महीने में पेपर का इम्पोर्ट 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है. इसलिए पेपर के इम्पोर्ट को रोकने के लिए भी कुछ कदम उठाए जा सकते हैं ताकि घरेलू इंडस्ट्री अपने बेहतर उत्पादन क्षमता से उत्पादन कर सके. इन दोनों सेक्टर में बेहतर देखने को मिले ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल रोका जा सके.

ये भी पढ़ें: रेलवे की नई सुविधा, मात्र 5 रुपये में खरीदें हवा से बना एक लीटर पानीपेपर और पल्प सेक्टर के लिए सस्ते ब्याज पर कर्ज देने का भी प्रावधान हो सकता है. इसके साथ ही घरेलू इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए पेपर इंपोर्ट पर भी शिकंजा कसा जा सकता है. पेपर इंडस्ट्री ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग भी की है.

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(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर, CNBC आवाज़)

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First published: December 16, 2019, 5:29 PM IST
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