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Income Tax Slabs and Rates: नए इनकम टैक्‍स नियम को लेकर है उलझन तो यहां समझें दोनों विकल्‍प

News18Hindi
Updated: February 1, 2020, 3:56 PM IST
Income Tax Slabs and Rates: नए इनकम टैक्‍स नियम को लेकर है उलझन तो यहां समझें दोनों विकल्‍प
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्‍स को लेकर ये नया फैसला लिया है.

Income Tax Slabs and Rates: वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट 2020 (Budget 2020) पेश कर दिया है. इसमें दिए गए दो विकल्‍पों में टैक्‍स की अलग व्‍यवस्‍था है. नई व्‍यवस्‍था के तहत पांच स्‍लैब (Income tax Slabs) बनाए गए हैं. इसमें किसी भी तरह की बचत से टैक्‍स बचत को खत्‍म कर दिया गया है. वहीं दूसरे विकल्‍प के तौर पर आप पुराने तरीके से टैक्‍स दे सकते हैं. इसमें टैक्‍स बचत के विकल्‍प भी पहले की ही तरह खुले रहेंगे.

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  • Last Updated: February 1, 2020, 3:56 PM IST
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नई दिल्‍ली. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने संसद में बजट 2020 (Budget 2020) पेश कर दिया है. उन्‍होंने पिछले कुछ समय से सुस्‍ती की शिकार इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) को पटरी पर लाने और आम लोगों की जेब में ज्‍यादा पैसा डालकर उपभोग को बढ़ाने के लिए इनकम टैक्‍स स्‍लैब (Income tax Slab and Rates) में बदलाव कर नौकरीपेशा वर्ग को राहत दे दी है. वित्त मंत्री ने दावा किया है कि नई टैक्स दरों से 15 लाख सालाना तक आय वालों को 78 हजार रुपये का फायदा होगा. लेकिन, ज्‍यादातर लोग नए टैक्‍स स्‍लैब को लेकर उलझन में हैं. दरअसल, इस बार 5 लाख रुपये तक की आय वालों को कोई टैक्‍स नहीं देना है. वहीं आपकी आय 5,00,001 रुपये होते ही आपको टैक्‍सेबल इनकम पर टैक्‍स देना होगा.

ये हैं दो विकल्‍प
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बार करदाताओं को दो विकल्‍प दिए गए हैं. मान लीजिए आपकी इनकम 10 लाख रुपये सालाना है तो बजट 2020 की घोषणा के तहत आपको नए स्‍लैब के मुताबिक टैक्‍स देना होगा. आसान शब्‍दों में समझें तो 2.5 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. वहीं, 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय पर 12,500 रुपये और बाकी टैक्‍सेबल इनकम पर नए स्‍लैब के हिसाब से टैक्‍स लगेगा. दूसरे शब्‍दोंं में कहें तो 5,00,001 से 7.5 लाख तक की आय पर 10 फीसदी और बाकी पर 15 फीसदी टैक्‍स लगेगा. अगर आपकी आय 5 लाख रुपये सालाना से ज्‍यादा है तो रिजीम -1 या कहें विकल्‍प -1 के तहत इस बार आपको निवेश, बचत या दूसरे माध्‍यमों में पूंंजी लगाने से टैक्‍स बचत का लाभ नहीं मिलेगी. नई व्यवस्था में 70 तरह के डिडक्शन खत्म कर दिए गए हैं. टैक्सपेयर डिडक्शन चाहें तो पुरानी व्यवस्था का विकल्प ले सकते हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया है कि नई टैक्स दरों से 15 लाख सालाना तक आय वालों को 78 हजार रुपये का फायदा होगा.




विकल्‍प-2 में चुन सकते हैं पुरानी टैक्‍स व्‍यवस्‍था
नए स्‍लैब के तहत 5 लाख से 7.5 लाख तक की इनकम पर 10 फीसदी, 7.5 लाख से 10 तक पर 15 फीसदी, 10 से 12.5 लाख पर 20 फीसदी, 12.5 लाख से ज्यादा 25 फीसदी, 15 लाख से ज्‍यादा 30 फीसदी टैक्‍स देना होगा. वहीं, रिजीम -2 या कहें विकल्‍प -2 में आप टैक्‍स की पुरानी व्‍यवस्‍था का चुनाव कर सकते हैं. इसके तहत 5 लाख तक की आय टैक्‍स मुक्‍त रहेगी, लेकिन सालाना आय इससे ज्‍यादा होते ही 2.5 लाख तक की इनकम पर टैक्‍स नहीं देना होगा. बाकी इनकम पर टैक्‍स बचाने के लिए पहले की तरह निवेश के विकल्‍प मिलते रहेंगे.  हालांकि, विकल्‍प चुनने के लिए आपको अपनी कंपनी को बताना होगा.

वित्‍त मंत्री ने कहा - करदाताओं का उत्‍पीड़न नहीं होने देगी सरकार
वित्‍त मंत्री ने कहा कि टैक्‍स को लेकर किसी को परेशान नहीं किया जाएगा. कानून के तहत टैक्‍स पेयर चार्टर लाया जाएगा. लोगों के मन से टैक्‍स को लेकर डर खत्‍म किया जाएगा. टैक्‍स कलेक्‍शन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्‍तेमाल किया जाएगा. कुल मिलकार सरकार करदाता को उत्‍पीड़न से बचाएगी. वहीं, टैक्‍स की चोरी करने वालों के लिए कानून सख्‍त किया जाएगा.

नई टैक्‍स व्‍यवस्‍था में 70 तरह के डिडक्‍शन खत्‍म कर दिए गए हैं. 5 लाख से ज्‍यादा आय वालों को बचत से टैक्‍स में नहीं मिलेगा लाभ.


बजट 2019 में करदाताओं को 2.5 लाख की आय पर दी गई थी री-बेट
निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्‍त वर्ष 2019-20 के दौरान 60 लाख नए टैक्‍सपेयर जुड़े हैं. इस दौरान 40 करोड़ से ज्‍यादा इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल किए गए. पिछले बजट में सरकार ने 2.5 लाख रुपये तक की आय को टैक्‍स फ्री रखा था. वहीं, 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्‍स निर्धारित किया था. हालांंकि, रिबेट के जरिये 5 लाख तक की आय वालों को कोई टैक्‍स नहीं देना था. लेकिन आय 5 लाख से ऊपर होते ही 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्‍स निर्धारित किया था. वहींं, 5 लाख से 10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी और 10 लाख से ज्‍यादा की आय पर 30 फीसदी टैक्‍स की घोषणा की गई थी.

(ये खबर नांगिया एंडरसन एलएलपी के पार्टनर विश्‍वास पंजारिया से बातचीत कर लिखी गई है.)

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First published: February 1, 2020, 2:10 PM IST
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