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बजट में गरीबों के बाद अब मिडिल क्लास को मिल सकता है बड़ा तोहफा, होगा ये फायदा

भाषा
Updated: January 26, 2020, 4:41 PM IST
बजट में गरीबों के बाद अब मिडिल क्लास को मिल सकता है बड़ा तोहफा, होगा ये फायदा
मध्यम वर्ग को मिल सकता स्वास्थ्य बीमा का तोहफा

आर्थिक मामलों के जानकारों की मानें तो आगामी बजट (Budget) में मांग और खपत बढ़ाने के लिये सरकार 5 लाख रुपये तक की आय (Income) को करमुक्त (Tax Free) कर सकती है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है ताकि मिडिल क्लास को स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर लाभ उपलब्ध कराया जा सके.

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण इस सप्ताह पेश किये जाने वाले अपने बजट (Budget) में मध्यम वर्ग (Middle Class) को आयकर (Income Tax) में छूट के साथ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana-PMJAY) की तरह स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) का सौगात दे सकती हैं. आर्थिक मामलों के जानकारों की मानें तो आगामी बजट में मांग और खपत बढ़ाने के लिये सरकार 5 लाख रुपये तक की आय (Income) को करमुक्त (Tax Free) कर सकती है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर लाभ उपलब्ध कराया जा सके.

मांग और खपत बढ़ाने की आवश्यकता
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक इस समय अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा मांग और खपत बढ़ाने की आवश्यकता है. मांग बढ़ने से ही आर्थिक गतिविधियों में तेजी आयेगी. इसके लिये पूंजीगत खर्च बढ़ाने के साथ ही आम आदमी की जेब में अधिक पैसा होना जरूरी है. सरकार पूंजीगत खर्च के मोर्चे पर कई ढांचागत योजनाओं पर काम कर रही है. इसके साथ ही आम नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में राहत दी जानी चाहिये ताकि उनकी जेब में खर्च करने के लिये अधिक पैसा बचे.

बेंगलुरु स्थित इंस्टिट्यूट फॉर सोशल एंड इकनॉमिक चेंज के प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, 'अर्थव्यवस्था में सुस्ती दूर करने के लिये सरकार को सुधारों को बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन के उपाय करने और पूंजीगत खर्च बढ़ाने की जरूरत है. इससे लोगों की जेब में अधिक पैसा आएगा और मांग बढ़ेगी.

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इंडीविजुअल इनकम टैक्स छूट सीमा बढ़ाकर 5 लाख रु की जाए
उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग खासकर नौकरीपेशा निश्चित रूप से इनकम टैक्स में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं. इस समय अर्थव्यवस्था में मौजूदा नरमी का कारण मांग में कमी है न कि आपूर्ति. ऐसे में मूल इंडीविजुअल इनकम टैक्स छूट सीमा को मौजूदा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर मध्यम वर्ग को कर राहत दी जा सकती है. फिलहाल 2.50 से 5 लाख रुपये तक 5 प्रतिशत, 5 से 10 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगता है. इसके अलावा 5 लाख रुपये तक की आय वाले को 12,500 रुपये की छूट दी गयी है. यानी 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा.

हैदराबाद स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन कम्पलेक्स चॉइसेस (IASCC) के प्रोफेसर एवं अर्थशास्त्री अनिल सूद ने भी कहा है, वेतन भोगियों पर प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) का बोझ कम किया जाना चाहिये. स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र में खर्च बढ़ने का बचत पर असर पड़ रहा है इसलिये बचत दर और मांग बढ़ाने के लिये वित्त मंत्री को इंडीविजुअल इनकम टैक्स में राहत पहुंचानी चाहिये.

हालांकि, पिछले बजट में वित्त मंत्री ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुये उनकी 5 लाख रुपये तक की टैक्स योग्य आय होने पर उन्हें इनकम टैक्स से पूरी तरह छूट दे दी थी लेकिन इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) में कोई बदलाव नहीं किया था. इस बार विशेषज्ञों का मानना है कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है और 5 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया जा सकता है.

धारा 80C के तहत सीमा बढ़ाकर 2.50 रुपये करने की मांग
कुमार ने यह भी कहा है कि इनकम टैक्स कानून की धारा 80C के तहत जीवन बीमा प्रीमियम, ट्यूशन फीस और अन्य बचत पर मौजूदा 1.50 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की आवश्यकता है. इससे वेतनभोगी तबके की जेब में अधिक धन बचेगा और अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी. ये भी पढ़ें: Paytm का करते हैं इस्तेमाल तो इन 3500 फोन नंबरों से रहें सावधान, वरना खाली हो जाएगा खाता



मांग बढ़ाना जरूरी
इससे राजकोषीय घाटा पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, फिलहाल अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता मांग और निवेश में जो नरमी है, उससे निपटने की चुनौती है और इसके लिये मांग बढ़ाना जरूरी है. यह तभी होगा जब लोगों की क्रयशक्ति बढ़ेगी. ऐसे में वित्त मंत्री इस साल राजकोषीय घाटे को कड़ाई से पालन करने में थोड़ी ढील दे सकती हैं और खर्च बढ़ा सकती हैं.

11 साल में सबसे कम जीडीपी ग्रोथ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को 2020-21 का आम बजट पेश करेंगी. सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को फिर से तेजी के रास्ते पर लाना उनके समक्ष बड़ी चुनौती होगी. चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर कम होकर 4.5 प्रतिशत रह गई. पूरे साल की वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि पिछले 11 साल में सबसे कम होगी.

बजट में मध्यम वर्ग को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat) की तर्ज पर स्वास्थ्य बीमा का भी लाभ मिल सकता है. फिलहाल इसमें देश के करीब 10.74 करोड़ गरीब परिवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारी के इलाज के लिये 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलता है. ये भी पढ़ें: PF के पैसे से जुड़ी हर समस्या होगी दूर, हर माह की 10 तारीख को होगा समाधान



सभी के लिये पेंशन और स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराए सरकार
श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ के महासचिव बृजेश उपाध्याय ने कहा, हम लंबे समय से सभी के लिये पेंशन और स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराये जाने की मांग कर रहे हैं. सरकार गरीब तबके के लिये स्वास्थ्य बीमा योजना चला रही है इस बजट में इस योजना का लाभ मध्यम वर्ग को भी दिया जा सकता है.

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First published: January 26, 2020, 3:33 PM IST
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