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Budget 2020 तैयारी शुरू, जनता को लुभाने के लिए सरकार के सामने हैं ये मुश्किलें

भाषा
Updated: December 9, 2019, 9:25 AM IST
Budget 2020 तैयारी शुरू, जनता को लुभाने के लिए सरकार के सामने हैं ये मुश्किलें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मोदी सरकार (Modi Government) के दूसरे कार्यकाल का यह दूसरा बजट (Budget 2020) होगा. इस बजट सेशन (Budget Session) की तैयारी जोरों शोरों से शुरू हो चुकी हैं. लेकिन इस महत्वपूर्ण समय में वित्त मंत्रालय की बजट टीम में दो अहम सदस्यों की कमी है.

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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) के दूसरे कार्यकाल का यह दूसरा बजट (Budget 2020) होगा. इस बजट सेशन (Budget Session) की तैयारी जोरों शोरों से शुरू हो चुकी हैं. लेकिन इस महत्वपूर्ण समय में वित्त मंत्रालय की बजट टीम में दो अहम सदस्यों की कमी है. ये दो पोस्ट एक्सपेंडिचर सेक्रटरी और बजट के जॉइंट सेक्रटरी का पद भी पिछले तीन महीने से खाली पड़ा है. आम बजट 1 फरवरी, 2020 को पेश किया जाना है. आइए आपको बताते हैं इस बजट में सरकार के सामने क्या मुश्किलें हैं.

सरकार के पास कई बड़ी चुनौती
इस बजट से सब ही को काफी उम्मीदें हैं. हर वर्ग को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं. ग्रोथ रेट लगातार घट रहा है और सरकार की चुनौती पहले इस पर लगाम कसना है फिर अर्थव्यवस्था को सुधार की ओर ले जाना है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ग्रोथ रेट घटकर 4.5 फीसदी पर पहुंच गया जो पिछले छह सालों के न्यूनतम स्तर पर है.

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इनकम टैक्स रेट में कट की उम्मीद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि आर्थिक गतिविधि में तेजी लाने के लिए सरकार की तरफ से तमाम कोशिशें की जा रही हैं. इनकम टैक्स रेट को लेकर उन्होंने कहा था कि इसमें भी सुधार की गुंजाइश है और टैक्स रेट घटाने पर विचार किया जा रहा है. खासकर कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के बाद से इसकी मांग और तेज हो गई है.

निर्मला सीतारमण का दूसरा बजट होगावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह दूसरा बजट होगा. गिरती विकास दर में सुधार लाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है. हाल ही में रिजर्व बैंक नें चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है. वित्त मंत्री ने कहा था कि उनकी कोशिश उपभोग में तेजी लाने की है. इसके लिए हम लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा पहुंचा रहे हैं. इसके अलावा बैंकों को भी ज्यादा से ज्यादा कर्ज बांटने को कहा गया है.

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First published: December 9, 2019, 9:25 AM IST
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