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Budget 2020: सोशल सेक्‍टर को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, मिला 2.12 लाख करोड़ का फंड

News18Hindi
Updated: February 1, 2020, 5:24 PM IST
Budget 2020: सोशल सेक्‍टर को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, मिला 2.12 लाख करोड़ का फंड
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का दिखा असर.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने बजट (Budget 2020) में सोशल सेक्‍टर पर खास ध्‍यान रखा है. उन्‍होंने महिलाओं, सीनियर सिटीजन, दिव्‍यांग, पिछड़ी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आदि के लिए 2 लाख 12 हजार 400 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है.

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  • Last Updated: February 1, 2020, 5:24 PM IST
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नई दिल्‍ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने मोदी सरकार 2.0 का अपना दूसरा बजट पेश कर दिया है. इस दौरान उन्‍होंने बजट (Budget 2020) में तमाम नई घोषणाएं की हैं. जबकि उनके इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी समेत तमाम मंत्रियों ने शानदार बताया है, तो विपक्ष इससे खुश नहीं है. हालांकि इस बजट में निर्मला सीतारमण की सोशल सेक्‍टर पर खास नजर रही है और उन्‍होंने 2 लाख 12 हजार 400 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है.

महिलाओं को मिली ये सौगात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं और बालिकाओं का खास ध्‍यान रखा है. वित्‍तीय वर्ष 2020-21 के लिए पोषण से संबंधित कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्‍ताव रखा गया है. जबकि महिला विशेष के कार्यक्रमों के लिए अलग से 28,600 करोड़ रुपये देने का प्रावधान है. मोदी सरकार ने 2017-18 में 'पोषण अभियान' शुरू किया था, जिसके तहत देशभर में छह लाख से अधिक आंगनबाड़ी वर्कर काम करते हैं. इस अभियान से बच्‍चों और प्रेग्नेंट महिलाओं को पोषण आहार दिया जाता है.

इसके अलावा उन्‍होंने मातृत्‍व में प्रवेश करने वाली बालिकाओं की आयु को बढ़ाने के लिए एक कार्यबल नियुक्‍त करने का प्रस्‍ताव भी दिया है, जो कि अपनी अनुशंसाएं अगले छह महीने में देगा. आपको बता दें कि 1978 में शारदा एक्‍ट 1929 में संशोधन करते हुए सरकार ने महिलाओं की शादी की उम्र 15 साल से बढ़ाकर 18 साल की थी.



बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का दिखा असर
साथ ही निर्मला सीतारमण ने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का सकारात्‍मक असर देखने को मिला है. यही वजह है कि पढ़ाई के मामले में वह लड़कों की अपेक्षा बाजी मारने में सफल रही हैं. एलिमेंट्री लेवल पर उन्‍होंने 94.32 प्रतिशत सफलता हासिल की है जो कि लड़कों (89.28) की अपेक्षा अधिक है. अगर सेकेंड्री लेवल की बात करें तो यहां भी लड़कियों (81.32) ने लड़कों (78) पर बढ़त हासिल की है. जबकि उच्‍च शिक्षा के मामले में लड़कियों का प्रतिशत 59.70 है, तो लड़कों को यहां 57.54 फीसदी सफलता मिली है.

ओबीसी, एससी और एसटी को मिले 1.38 लाख करोड़
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 में पिछड़ी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उत्‍थान के लिए बड़ा अहम उठाया है. उन्‍होंने अनुसूचित और पिछड़ी जाति के सशक्तिकरण के लिए 85,000 करोड़ रुपये दिए हैं. जबकि अनुसूचित जनजाति के सशक्तिकरण के लिए भी सरकार ने 53,700 करोड़ की धनवर्षा की है. एससी/एसटी और पिछड़ा वर्ग को कुल मिलाकर 1 लाख 38 हजार 700 करोड़ रुपये का फंड मिला है, जिसे मोदी सरकार का मास्‍टरस्‍ट्रोक भी कहा जा सकता है.

सीनियर सिटीजन और दिव्‍यांगों को ये मिला
बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्‍ठ नागरिकों और दिव्‍यांगजनों के उत्‍थान पर भी खास फोकस किया है. सरकार ने वित्‍तीय वर्ष 2020-21 के लिए 9,500 करोड़ के फंड का प्रावधान किया है.

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First published: February 1, 2020, 4:20 PM IST
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