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बजट 2021-22: जानिए स्वतंत्र भारत के पहले बजट से जुड़ी 10 रोचक बातें...

बजट 2021-22: देश में बजट का इतिहास काफी पुराना है. इससे जुड़े कई रोचक फैक्ट्स भी हैं. आइए जानते हैं इन रोचक बजट फैक्ट्स के बारे में कुछ खास बातें...
बजट 2021-22: देश में बजट का इतिहास काफी पुराना है. इससे जुड़े कई रोचक फैक्ट्स भी हैं. आइए जानते हैं इन रोचक बजट फैक्ट्स के बारे में कुछ खास बातें...

बजट 2021-22: देश में बजट का इतिहास काफी पुराना है. इससे जुड़े कई रोचक फैक्ट्स भी हैं. आइए जानते हैं इन रोचक बजट फैक्ट्स के बारे में कुछ खास बातें...

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 1:30 PM IST
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नई दिल्ली. बजट सरकार का एक वार्षिक वित्तीय विवरण है जिसमें राजस्व, व्यय, वृद्धि अनुमानों के साथ-साथ इसकी राजकोषीय स्थिति जैसे विवरण होते हैं. आम बजट में सरकार की आमदनी और खर्च का हिसाब-किताब होता है. गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2021 को 'बजट 2021-22' पेश करेंगी. मौजूदा कोरोना संकट (COVID-19) के बीच नीतिगत बदलावों में राहत के किसी भी संकेत के लिए अर्थशास्त्रियों, वित्तीय विश्लेषकों और आम जनता की इस साल की बजट घोषणाओं पर पूरी नजर है. तो आइए जानते हैं बजट फैक्ट्स के बारे में कुछ खास बातें...

बजट से जुड़ी 10 रोचक बातें

1. स्वतंत्र भारत का पहला बजट वित्त मंत्री आर के षणमुखम चेट्‍टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था. गणतंत्र भारत का पहला बजट 28 फरवरी 1950 को जॉन मथाई ने पेश किया.



2. आर्थिक मामलों के विभाग की वेबसाइट dea.gov.in पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, स्वतंत्र भारत का पहला बजट 15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948 तक के साढ़े सात महीने की अवधि का था.
3. चेट्‍टी ने 1948-49 के बजट में पहली बार अंतरिम (Interim) शब्द का प्रयोग किया. इसके बाद से ही छोटी अवधि के बजट के लिए 'अंतरिम' शब्द का प्रयोग शुरू हुआ.

4. भारत में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्त वर्ष की शुरुआत 1867 में हुई थी. इससे पहले तक 1 मई से 30 अप्रैल तक वित्त वर्ष होता था.

5. भारत की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने 1970 में आम बजट (Union Budget) पेश किया था. उस समय वे देश की प्रधानमंत्री थीं. साथ में वित्त मंत्रालय का प्रभार भी उनके पास ही था.

6. स्वतंत्र भारत के पहले बजट में बजट का राजस्व 171.15 करोड़ रुपये लक्षित किया गया था और व्यय 197.29 करोड़ रुपये था.

7. साल 2000 तक अंग्रेजी परंपरा के हिसाब से बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था. साल 2001 में अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा. अब सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश करने की परंपरा शुरू की गयी.

8. देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने अब तक सबसे अधिक 10 बार बजट पेश किया. वे 6 बार वित्त मंत्री और 4 बार उप प्रधानमंत्री रहे.

9. साल 2017 से पहले बजट फरवरी महीने के आखिरी कामकाजी दिन पेश किया जाता था. साल 2017 से इसे 1 फरवरी या फरवरी के पहले कामकाजी दिन पेश किया जाने लगा.

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10. पहले रेलवे और यूनियन बजट अलग-अलग पेश किए जाते थे. साल 2017 के बजट से ही केंद्र की मोदी सरकार ने रेल बजट को आम बजट में समायोजित कर एक और प्रयोग किया. 2017 में दोनों को एक साथ पेश करने की परंपरा शुरू की गई.
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