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बजट में नौकरीपेशा को बड़ी राहत देने की तैयारी में सरकार, बढ़ सकती है टैक्स छूट की ये लिमिट

महिला ने बताया कि तांत्रिक उससे और भी 55 हजार रुपए की मांग कर रहा था. (सांकेतिक तस्वीर)

महिला ने बताया कि तांत्रिक उससे और भी 55 हजार रुपए की मांग कर रहा था. (सांकेतिक तस्वीर)

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार आगामी बजट में टैक्स के मोर्चे पर नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत देने का ऐलान कर सकती है. सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन, मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम पेमेंट और सेक्शन 80C के तहत मिलने वाले छूट की लिमिट बढ़ा सकती है.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान का सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों पर देखने को मिला है. लेकिन, अब नौकरीपेशा लोगों को केंद्र सरकार टैक्स छूट की सौगात दे सकती है. आगामी बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) नौकरीपेशा लोगों के लिए इस छूट का ऐलान कर सकती हैं. दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट, मेडिकल इंश्योरेंस बेनिफिट और इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले छूट की लिमिट बढ़ा सकती है. इस साल नौकरीपेशा लोगों को सैलरी कटौती से लेकर नौकरी खोने तक का दंश झेलना पड़ा है. ऐसे में केंद्र सरकार की इस सौगात से उन्हें कुछ राहत मिल सकती है.

    एक मीडिया रिपोर्ट में वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि बजट 2021-22 में नौकरीपेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स छूट दिए जाने की तैयारी चल रही है. सरकार की तरफ से यह ऐलान इसलिए भी हो सकता है ताकि इस वर्ग की जेब में कुछ अतिरिक्त पैसा बच सके.

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    स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ सकती है
    कोरोना वायरस के बाद अब खुदरा व थोक महंगाई दर में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. आम आदमी के घर में दैनिक रूप से इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होती जा रही हैं. ऐसे में सरकार का मानना है कि कम वेतन और बढ़ते खर्च के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए नौकरीपेश वर्ग को कुछ राहत मिलनी चाहिए. हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard deduction) की लिमिट बढ़ाकर भी नौकरी पेशा को राहत दी जा सकती है. वर्तमान में स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50,000 रुपये है, जिसके बढ़ाकर 1,00,000 रुपये तक किया जा सकता है.

    मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम की लिमिट में भी राहत की उम्मीद
    स्टैंडर्ड डिडक्शन में इस छूट के अलावा मेडिकल इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम पेमेंट पर टैक्स राहत मिल सकती है. दरअसल, कोरोना काल में डॉक्टरों ने फीस बढ़ा दिया है. सरकार अब मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम पर मिलने वाली छूट की लिमिट को भी बढ़ा सकती है. वर्तमान में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी के तहत 25,000 रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. इसमें पति/पत्नी, बच्चों समेत खुद की पॉलिसी पर जमा किए गए प्रीमियम शामिल होगा. इसमें 5,000 रुपये का मेडिकल चेकअप भी शामिल है. अगर आपके माता/पिता वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आते हैं और आप ही इनका प्रीमियम भरते हैं तो 50,000 रुपये तक का टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं.

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    टैक्स स्लैब में भी बदलाव मुमकिन
    इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस बार मोदी सरकार इनकम टैक्स स्लैब की लिमिट में भी बढ़ोतरी कर सकती है. फिलहाल सालाना 2.5 लाख रुपये के इनकम पर कोई टैक्स देय नहीं होता है. साथ ही, कुछ शर्तों को पूरा करने के बाद सालाना 5 लाख रुपये तक के आय पर भी टैक्स से राहत मिलती है. फिलहाल इस बात की उम्मीद की जा सकती है कि केंद्र सरकार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए 5 लाख रुपये की आमदनी को भी टैक्स देयता के दायरे से बाहर कर दे.

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