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कैबिनेट ने सरकारी कंपनियों के निजीकरण नीति को मंजूरी दी, बजट में हो सकता है ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Union Cabinet Decisions: केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी कंपनियों के निजीकरण नीति को मंजूरी दे दी है. ​1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बारे में विस्तृत जानकारी दे सकती है. केंद्र सरकार कई सेक्टर्स की कंपनियों में अपनी हिस्सेदाररी कम करने जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 12:02 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSU) के लिए निजीकरण नीतियों (Privatisation Policy) के रास्त साफ कर दिया है. इस बारे में विस्तृ​त जानकारी बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) के भाषण में शामिल होगा. इस नीति के आधार पर ही स्ट्रैटेजिक और नॉन-स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स में सरकार की मालिकाना वाली ईकाईयों का रोडमैप तय होगा. बुधवार को कैबिनेट बैठक मामले में इस पर चर्चा हुई है. एक मीडिया रिपोर्ट में दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के हवाले से इस बारे में जानकारी मिली है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पॉलिसी के बारे पूरी जानकारी और पीएसयू के निजीकरण को लेकर रणनीति के बारे पूरी जानकारी वित्त मंत्री के बजट भाषण में होगा, जोकि 1 फरवरी को पेश होने वाला है.

निर्मला सीतारमण ने मई 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज का ऐलान किया था. यह पॉलिसी भी इसी पैकेज का हिस्सा है. उस वक्त सरकार ने कहा था कि एक ऐसी सुसंगत नीति को तैयार किया जा रहा है, जहां सभी सेक्टर्स को प्राइवेट सेक्टर्स के लिए खोला जाएगा. सरकार ने भी मंशा ज़ाहिर ​की थी कि पीएसयू की मौजूदगरी 4 में से एक सेक्टर में रखते हुए अन्य को विलय, निजीकरण या किसी होल्डिंग कंपनी के दायरे में लाया जाए.



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विभागों और मंत्रालयों में निजीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा
नॉन-स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स की कंपनियों सरकार पूरी तरह से बाहर निकलना चाहती है. हालांकि, केस के आधार पर तय होगा कि इन सेक्टर्स की किन कंपनियों से केंद्र सरकार कब अपनी हिस्सेदारी खत्म करेगी. सरकारी विभागों और मंत्रालयों के बीच इस बारे में विस्तृत चर्चा हुई है. यही कारण रहा कि निजीकरण नीतियों को मंजूरी मिलने में इतनी देर हुई है.

एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि निजीकरण नीतियों पर उन मंत्रियों के समूह की बैठक हुई है, जिन्हें इस पॉलिसी को तेयार किया है.

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स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स में क्या शामिल है?
दीपम द्वारा तैयार किए गए शुरुआत ड्राफ्ट के मुताबिक, करीब 18 सेक्टर्स को स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स के तौर पर चुना गया है. इसमें पावर, फर्टीलाइजर्स, टेलिकॉम, डिफेंस, बैंकिंग और इंश्योरेंस शामिल है. इन्हें माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रोसेसिंग और सर्विसेस में वर्गीकृत किया गया है.
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