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बजट 2021 में खर्च बढ़ाने का ऐलान करेगी सरकार! देश की अर्थव्‍यवस्‍था को संभालने पर रहेगा केंद्र का जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि हम किसानों की शंकाओं के समाधान के लिए बातचीत को तैयार हैं. (फाइल फोटो)
वित्त मंत्री ने कहा कि हम किसानों की शंकाओं के समाधान के लिए बातचीत को तैयार हैं. (फाइल फोटो)

देश-दुनिया की ज्‍यादातर संस्‍थाएं वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में 7 से 8 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगा रही हैं. ऐसे में केंद्र सरकार बजट 2021 (Budget 2021) में सरकारी खर्च (Government Expenditure) बढ़ाने का ऐलान कर सकती है ताकि देश की अर्थव्‍यवस्‍था को सहारा दिया जा सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 13, 2020, 3:28 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए लागू किए लॉकडाउन के कारण देश में आर्थिक गतिविधियां (Economic Activities) लंबे समय तक ठप रहीं. अब लॉकडाउन में छूट के बाद कारोबारी गतिविधियों में धीमी रफ्तार से सुधार हो रहा है. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को तगड़ा झटका लगा है. वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई. अभी भी देश-दुनिया के संस्‍थान चालू वित्‍त वर्ष के दौरान अर्थव्‍यवस्‍था में 7 से 8 फीसदी की गिरावट का अनुमान जता रहे हैं.

FM सीतारमण ने कहा, पीएसयू को पूंजीगत खर्च बढ़ाने को कहेंगे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार होगा. उन्‍होंने हाल में कहा था कि घाटे के बाद भी सरकारी खर्च (Public Expenditure) में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी. साथ ही कहा था कि सरकारी कंपनियों (PSUs) से पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) बढ़ाने को कहा जाएगा. इससे साफ है कि वित्‍त मंत्रालय बजट 2021 (Budget 2021) में सरकारी खर्च बढ़ाने का ऐलान कर सकता है. अगर सरकार ज्‍यादा से ज्‍यादा खर्च करती है तो जीडीपी में मजबूत बढ़ोतरी की जमीन तैयार हो जाएगी.

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वित्‍त मंत्री ने कहा, ग्रोथ बढ़ाने के लिए खर्च में करनी ही होगी वृद्धि


निर्मला सीतारमण ने हाल में एक समिट में कहा था कि बेहतर इकोनॉमिक ग्रोथ (Economic Growth) के लिए वित्त वर्ष 2021-22 बहुत अहमियत रखता है. इस दौरान किया गया सरकारी खर्च अगले चार से पांच साल के लिए मजबूत बढ़ोतरी की नींव तैयार करेगा. साथ ही कहा था कि उनका मुख्य फोकस बजट और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाने को लेकर है. इस दौरान उन्होंने यह साफ नहीं किया कि बजट 2021 में सरकारी खर्च में कितने फीसदी बढ़ोतरी का प्रावधान किया जा सकता है. हालांकि, उन्‍होंने ये स्‍पष्‍ट तौर पर कहा कि सरकार को आर्थिक वृद्धि की रफ्तार (Economic Growth) बढ़ाने के लिए आने वाले समय में खर्च में बढोतरी करनी होगी.

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खर्च नहीं बढ़ाया तो बेमानी होगी कोरोना संकट में बरती सावधानी
फाइनेंस मिनिस्‍टर सीतारमण का कहना है कि अगर खर्च नहीं बढ़ाया गया तो कोरोना संकट (Coronavirus Crisis) के दौरान बरती गईं सावधानियों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. यही नहीं, खर्च नहीं बढ़ाने की सूरत में अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार बहुत मुश्किल हो जाएगा. वहीं, इकोनॉमिस्‍ट्स का कहना है कि अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार की रफ्तार कोरोना वायरस की वैक्सीन (Corona Vaccine) की आपूर्ति पर निर्भर करेगी. भारत ने अभी तक किसी भी कंपनी के साथ वैक्सीन खरीदने के लिए सौदा नहीं किया है. हालांकि, देश में कुछ कोरोना वैक्‍सीन का ट्रायल चल रहा है. भारत इन्‍हीं कंपनियों की वैक्‍सीन आपूर्ति पर पूरी तरह निर्भर है. सरकार को उम्मीद है कि उसे ब्रिटेन की कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) और रूस की स्पुतनिक-5 जैसी वैक्सीन मिल जाएगी. बता दें कि एस्‍ट्राजेनेका के साथ भारतीय कंपनी सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की साझेदारी है.
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