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Budget 2022 : अगर एविएशन सेक्‍टर की ये मांग हुई पूरी तो हवाई सफर हो जाएगा सस्‍ता, चेक करें डिटेल्‍स

Budget 2022 : अगर एविएशन सेक्‍टर की ये मांग हुई पूरी तो हवाई सफर हो जाएगा सस्‍ता, चेक करें डिटेल्‍स

 इस सेक्टर की प्रमुख मांगों में से एक है एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले टैक्स में कटौती.

इस सेक्टर की प्रमुख मांगों में से एक है एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले टैक्स में कटौती.

महामारी से मार खाई सिविल एविएशन इंडस्ट्री (civil aviation industry) इंडस्ट्री आगामी बजट में जेट ईंधन पर टैक्स में कटौती की उम्मीद लगाए हुए है. इस सेक्टर की प्रमुख मांगों में से एक है एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले टैक्स में कटौती. यह अकेले एयरलाइन के ऑपरेटिंग कास्ट का का 25% - 40% होता है.

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Budget 2022 : भारत की सिविल एविएशन इंडस्ट्री (civil aviation industry) इस बार के आम बजट की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही है. महामारी से मार खाई यह इंडस्ट्री आगामी बजट में जेट ईंधन पर टैक्स में कटौती की उम्मीद लगाए हुए है. ताकी कोरोना से हुए नुकसान से रिकवरी जल्दी हो सके.

इस सेक्टर की प्रमुख मांगों में से एक है एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले टैक्स में कटौती. यह अकेले एयरलाइन के ऑपरेटिंग कास्ट का का 25% – 40% होता है. वर्तमान में, कुछ राज्य सरकारें एटीएफ पर 25% -30% मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाती हैं.

‘एक्सपेक्टेशंस: केंद्रीय बजट 2022-23’ 
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने ‘एक्सपेक्टेशंस: केंद्रीय बजट 2022-23’ नामक रिपोर्ट में कहा है कि नागरिक उड्डयन उद्योग को सरकार से तत्काल वित्तीय सहायता की उम्मीद. साथ ही परिचालन को पटरी पर लाने और यात्री यातायात को बढ़ावा देने के लिए तत्काल लेवी और करों में कमी की उम्मीद है. इनमें एटीएफ पर करों को कम करना के साथ ही हवाईअड्डा शुल्क, पार्किंग व लैंडिंग के साथ-साथ नेविगेशन शुल्क को कम करना जरूरी है.

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कनेक्टिविटी में सुधार पर ध्यान केंद्रित 
पिछले कुछ वर्षों से विमानन और हवाई अड्डा क्षेत्र लगातार इन मांगों को दोहरा रहा है. खासतौर से महामारी के बाद इन मांगों के समर्थन में जोर-शोर से आवाज उठाई जा रही है. इक्रा को उम्मीद है कि आगामी केंद्रीय बजट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगा.

मौजूदा हवाईअड्डा क्षमताओं का विस्तार जरूरी 
इक्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आगामी बजट में नए हवाई अड्डों की स्थापना और कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर मौजूदा हवाईअड्डा क्षमताओं का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है. ताकि एयरलाइंस के सामने आने वाली मौजूदा बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सके. साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कम सेवा वाले हवाई अड्डों के साथ कनेक्टिविटी में सुधार हो सके.

अगर एविएशन सेक्टर ये मांगे पूरी होती हैं तो पूरी इंडस्ट्री के साथ साथ यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. अनुमान लगाया जा रहा कि अगर जेट फ्यूल में टैक्स कटौती होती है तो एय़र लाइन टिकट भी सस्ते हो सकते हैं.

Tags: Budget, Business news in hindi, Civil aviation sector, Domestic aviation sector

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