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Budget 2022: इंश्योरेंस कंपनियों ने 80सी के तहत निवेश लिमिट बढ़ाने की मांग की, अभी है 1.5 लाख की सीमा

Budget 2022: इंश्योरेंस कंपनियों ने 80सी के तहत निवेश लिमिट बढ़ाने की मांग की, अभी है 1.5 लाख की सीमा

देश में इंश्योरेंस लेने की दर जीडीपी की 4.2 फीसदी है.

देश में इंश्योरेंस लेने की दर जीडीपी की 4.2 फीसदी है.

Union Budget 2022-23: वर्तमान में सभी फाइनेंशियल पर्चेज इनकम टैक्स छूट की धारा (80सी) के तहत आती हैं और इसकी लिमिट 1.5 लाख रुपये है.

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2022 को वित्त वर्ष 2022-23 (FY23) के लिए आम बजट (Budget 2022-23) पेश करने वाली हैं. वहीं, इंश्योरेंस कंपनियां आगामी आम बजट में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सी के तहत इंश्योरेंस प्रीमियम के पेमेंट पर अलग से एक लाख रुपये की छूट की मांग कर रही हैं ताकि अधिक लोगों को इंश्योरेंस के दायरे में लाया जा सके.

हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर GST कम करने की मांग की
इंश्योरेंस कंपनियों यह भी चाहती हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर जीएसटी की वर्तमान 18 फीसदी दर को घटाकर 5 फीसदी किया जाए ताकि ऐसे प्रोडक्ट्स आम लोगों के लिए अधिक किफायती हो सकें.

वर्तमान में सभी फाइनेंशियल पर्चेज इनकम टैक्स छूट की धारा (80सी) के तहत आती हैं और इसकी लिमिट 1,50,000 रुपये है.

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केनरा एचएसबीसी ओबीसी लाइफ इंश्योरेंस (Canara HSBC OBC Life Insurance) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर तरूण रस्तोगी ने कहा, ”इंडस्ट्री की नीति निर्माताओं से लंबे समय से उम्मीद रही है कि लोगों को लाइफ इंश्योरेंस लेने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर धारा 80सी के तहत इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर कम से कम एक लाख रुपये की अलग से छूट दी जाए.”

इंश्योरेंस प्रीमियम के पेमेंट पर टैक्स कटौती के लिए अलग सेक्शन हो
एडलवाइस टोकिओ लाइफ इंश्योरेंस (Edelweiss Tokio Life Insurance) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुब्रजीत मुखोपाध्याय ने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि बजट में लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम के पेमेंट पर कर कटौती के लिए अलग खंड बनाने पर विचार होगा.”

एगीस फेडरल लाइफ इंश्योरेंस (Ageas Federal Life Insurance) के एमडी और सीईओ विघ्नेश शाहणे ने कहा कि धारा 80सी में फिलहाल पीपीएफ, ईएलएसएस और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट समेत कई निवेश विकल्प शामिल हैं. वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए टर्म पॉलिसी के लिए अलग खंड अच्छा होगा.

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देश में जीडीपी की 4.2 फीसदी है इंश्योरेंस लेने की दर
इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीएआई (IRDAI) की वार्षिक रिपोर्ट 2020-21 के मुताबिक देश में इंश्योरेंस लेने की दर जीडीपी की 4.2 फीसदी है जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 7.4 फीसदी है. मार्च 2021 तक नॉन-लाइफ इंश्योरेंस लेने की दर बमुश्किल एक फीसदी थी.

Tags: Budget, Insurance

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