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Budget 2022 : मकान खरीदारों को मिलेगी बड़ी राहत! होम लोन के ब्‍याज भुगतान पर मिल सकता है 5 लाख रुपये का Tax Benefit

Budget 2022 : मकान खरीदारों को मिलेगी बड़ी राहत! होम लोन के ब्‍याज भुगतान पर मिल सकता है 5 लाख रुपये का Tax Benefit

बजट में मकान खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद

बजट में मकान खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद

Budget 2022 - रियल एस्टेट संगठन क्रेडाई (CREDAI) ने महामारी से प्रभावित उद्योग को राहत देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) से होम लोन के ब्‍याज पुनर्भुगतान (Interest Repayment) पर छूट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की है.

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नई दिल्ली. कोरोना की संभावित तीसरी लहर के बीच पेश होने वाले आम बजट 2022 (Budget 2022)  में मकान खरीदारों (Home Buyers) को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस बजट में मकान खरीदारों को होम लोन (Home Loan) के इंट्रेस्ट रीपेमेंट पर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट (Tax Benefit) की लिमिट को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है. रियल एस्टेट (Real Estate) कंपनियों के संगठन क्रेडाई (CREDAI) ने कहा कि महामारी से प्रभावित उद्योग को राहत देने और मकानों की बिक्री बढ़ाने के लिए सरकार इस बजट में कई कदम उठा सकती है.

क्रेडाई ने वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) को भेजी गई बजट अनुशंसा में रियल एस्टेट उद्योग को महामारी के प्रभाव से उबारने के लिए कई मांग की है. इनमें होम लोन पर ब्याज में कटौती की सीमा को वर्तमान के दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करना भी शामिल है. क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्षवर्धन पटौदिया ने कहा कि आगामी बजट में विभिन्न संशोधनों, छूट और विस्तार के जरिये इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास एवं आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसकी आवश्यकता है.

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मकानों की बिक्री में आएगी तेजी
पटोदिया ने कहा कि हमने वित्त मंत्रालय से धारा 24(बी) के तहत मकान खरीदारों के लिए ब्याज में और टैक्स छूट की मांग की है. अगर सरकार ऐसा करती है तो इससे मकान खरीदने की ग्राहकों की धारणा मजबूत होगी. वह भी ऐसे समय पर, जब महामारी की तीसरी लहर का प्रकोप शुरू हो चुका है. सरकार के इस कदम मकानों की बिक्री में भी तेजी आने की उम्मीद है.

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अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा बदलने की मांग
क्रेडाई ने रियल एस्टेट को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने के साथ अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा बदलने की अपील की है. साथ ही इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत भी छूट की सीमा बढ़ाने की मांग की है. इस सेक्शन के तहत होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट रीपेमेंट पर डिडक्शन का लाभ मिलता है. वर्तमान में इसकी लिमिट 1.5 लाख रुपये है. संगठन ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति पहला मकान खरीदता है तो इंट्रेस्ट रीपेमेंट पर डिडक्शन लिमिट फ्री होनी चाहिए या इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर देना चाहिए.

रेंटल हाउसिंग को लेकर भी कई प्रस्ताव
संगठन ने रेंटल हाउसिंग को लेकर भी कई प्रस्ताव दिए हैं. पटौदिया ने कहा कि 100 फीसदी तक रेंटल इनकम को टैक्स फ्री किया जाए. इसकी लिमिट एक वित्त वर्ष में 20 लाख रुपये तय की गई है.

Tags: Budget, FM Nirmala Sitharaman, Housing loan

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