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Budget 2022: बजट से पहले पेश होता है आर्थिक सर्वेक्षण, जानें क्या होता है यह

Budget 2022: बजट से पहले पेश होता है आर्थिक सर्वेक्षण, जानें क्या होता है यह

आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (chief economic adviser) के मार्गदर्शन में तैयार किया जाता है.

आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (chief economic adviser) के मार्गदर्शन में तैयार किया जाता है.

इकोनॉमिक सर्वे वित्‍त मंत्रालय (Finance Ministry) का एक अहम दस्‍तावेज होता है. हर साल बजट पेश करने से ठीक एक दिन पहले सरकार संसद में इकोनॉमिक सर्वे (economic survey 2022) पेश करती है.

Economic Survey 2022: आम बजट का काउंट डाउन शुरू हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को संसद में देश का बजट पेश करेंगी. वित्‍त मंत्रालय की ओर से बजट 2022-23 की तैयारियां की जा रही हैं. बजट से पहले इकोनॉमिक सर्वे यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है.

इकोनॉमिक सर्वे वित्‍त मंत्रालय (Finance Ministry) का एक अहम दस्‍तावेज होता है. हर साल बजट पेश करने से ठीक एक दिन पहले सरकार संसद में इकोनॉमिक सर्वे (economic survey 2022) पेश करती है.

मुख्य आर्थिक सलाहकार करते हैं तैयार
आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (chief economic adviser) के मार्गदर्शन में तैयार किया जाता है. वित्‍त मंत्री की मंजूरी के बााद यह जारी होता है. यह देश के वार्षिक आर्थिक विकास पर मंत्रालय का अवलोकन होता है. आर्थिक सर्वेक्षण में पिछले 12 महीनों की अर्थव्यवस्था की विकास की समीक्षा होती है, प्रमुख विकास कार्यक्रमों का सारांश होता है.

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सरल शब्दों में कहें तो इकोनॉमिक सर्वे में देश की आर्थिक सेहत का लेखा-जोखा होता है. सरकार इस दस्तावेज के जरिए देश को यह बताती है कि अर्थव्यवस्था की हालत कैसी है. सरकार की योजनाएं कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

यह दस्तावेज बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत किया जाता है. 2014-15 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया था कि भारत 750 अरब डॉलर से 1 ट्रिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार को लक्षित कर सकता है.

सरकार की नीतियों की जानकारी
इकोनॉमिक सर्वे में भारत सरकार की नीतियों की जानकारी होती है. इसके जरिए सरकार अर्थव्यवस्था की संभावनाओं का विश्लेषण करती है. अक्सर, इकोनॉमिक सर्वे पेश होने वाले आम बजट के लिए नीतिगत दिशानिर्देश के रूप में कार्य करता है. हालांकि, इसकी सिफारिशें सरकार लागू करे, यह अनिवार्य नहीं होता है. इकोनॉमिक सर्वे में नीतिगत विचार, आर्थिक मानकों पर अहम आंकड़े, मैक्रो इकोनॉमिक रिसर्च और क्षेत्रवार आर्थिक रूझानों का विश्‍लेषण शामिल होता है.

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1950 में आया पहला सर्वे
भारत का पहला इकोनॉमिक सर्वे 1950-51 में पेश किया गया था. 1964 तक यह आम बजट (Union Budget) के साथ पेश किया जाता था, लेकिन 1964 से इसे बजट से अलग कर दिया गया.

साल 2015 के बाद इकोनॉमिक सर्वे को दो हिस्सों मे बांटा गया. पहले हिस्से में अर्थव्यवस्था की स्थिति की हालत बताई जाती है, जिसे आम बजट से पहले जारी किया जाता है. दूसरे हिस्से में अहम फैक्‍ट होते हैं, जिसे जुलाई या अगस्त मे पेश किया जाता है. इकोनॉमिक सर्वे के पेश किए जाने का यह विभाजन तब से लागू हुआ, जब फरवरी 2017 में आम बजट को अंतिम सप्ताह के बदले पहले सप्ताह में पेश किया जाने लगा.

Tags: Budget, Economic Survey, Nirmala sitharaman

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