अपना शहर चुनें

States

Budget 21 : किसानों के जख्म पर मलहम के साथ बजट में लगेगा बंगाल का चुनावी तड़का, इन क्षेत्रों में दिखेगी सरकार की दरियादिली

 बजट 2021 में सरकार खेती से लेकर कई सेक्टर में फोकस कर सकती है.
बजट 2021 में सरकार खेती से लेकर कई सेक्टर में फोकस कर सकती है.

किसान आंदोलन, कोरोना काल और राज्यों में चुनाव की वजह से केंद्र सरकार का बजट हो सकता है लोकलुभावन. बजट 2021 में सरकार खेती से लेकर कई सेक्टर में फोकस कर सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 9:32 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. एक फरवरी को पेश होने वाले बजट से लोगों और इंडस्ट्रीज को कई उम्मीदें हैं. सरकार पर भी कोरोना काल में अर्थव्यवस्था को उबारने का दबाव भी है. हालांकि, किसान आंदोलन और राज्यों में होने वाले चुनाव का असर भी बजट पर पड़ सकता है. पहले से ही किसानों की नाराजगी झेल रही सरकार बजट से किसानों को और नाराज नहीं करना चाहती है. जबकि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव जीतने की जी-तोड़ कोशिश कर रही केंद्र सरकार में सत्ताधारी भाजपा बजट जैसे मौकों से लोगों को लुभा सकती है. इन स्थितियों के मद्देनजर न्यूज 18 और सीएनबीसी आवाज ने विशेषज्ञों के जरिए इस विशेष रिपोर्ट में जाना कि बजट में सरकार इस बार किन सेक्टरों पर फोकस कर सकती है...

खेती-किसानी : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने किसान, खेती पर फोकस रहेगा फोकस

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर खपत बढ़ाने के लिए इस बार किसान व खेती पर सरकार को फोकस रह सकता है. इसके लिए क्रॉप डायवर्सिफिकेशन के लिए इंसेंटिव स्कीम पर फोकस हो सकता है. किसानों को सीधे आर्थिक मदद देने की योजना पर काम किया जा सकता है. वैकल्पिक फसल उगाने पर किसानों को इंसेंटिव पर भी विचार किया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक वैकल्पिक फसल पर किसानों को 7000 रुपए प्रति एकड़ इनसेंटिव मिलेगा. बुआई पर 2000 रुपए और फसल तैयार होने पर 5000 रुपए इनसेंटिव मिलेगा. कृषि उड़ान स्कीम और पीएम कुसुम स्कीम का विस्तार किया जा सकता है.





नौकरियां : कंपनियां नई नौकरियां देंगी तो मिलेगा इंसेंटिव
नौकरियों पर भी अच्छी खबर मिलने की संभावना जताई जा रही है. नई नौकरी देने पर कंपनियों को इंसेंटिव मिलने की संभावना है. कंपनियों पर सोशल सिक्योरिटी का बोझ घटाया जा सकता है. इतना ही नहीं नई भर्तियों पर ESI योगदान से छूट मिलने की संभवाना है. 21,000 रुपए तक सैलरी वाले कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है. ESI के जरिए कर्मचारियों को आर्थिक, बीमा लाभ मिलने की संभवाना है.



टैक्सेशन : खजाने की भरपाई के लिए लग सकता है बजट में कोविड सेस
इस साल के बजट में कोविड सेस लगाने की तैयारी की जा सकती है. मौजूदा सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा हो सकती है. मौजूदा सेस और सरचार्ज में 0.5% बढ़ोतरी संभव है.



स्वास्थ्य : कोरोना के इलाज पर मिलेगी टैक्स में छूट
कोरोना के इलाज के खर्च पर टैक्स में छूट मिलने की संभावना जताई जा रही है. 80DDB के तहत यह राहत मिल सकती है. कोरोना को Specific Disease में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है.



छोटे उद्योग : MSMEs को कर्ज लेना आसान हो जाएगा
MSMEs यानी छोटे, मझोल और लघु उद्योगों को कर्ज लेना आसान होने की संभावना है. TReDS पोर्टल पर MSMEs के लिए स्कीम लाई जा सकती है. साथ ही NBFCs को पोर्टल पर लेंडिंग की मंजूरी मिलने की संभावना है.



उद्योग-धंधे : फार्मा के लिए डिस्कवर इन इंडिया स्कीम का ऐलान संभव

फार्मा के लिए डिस्कवर इन इंडिया स्कीम लॉन्च की जा सकती है. API मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की तैयारी की जा सकती है. R&D प्रमोट करने के लिए नई इनोवेशन पॉलिसी लाई जा सकती है. एक्सपोर्ट के लिए अलग से फंड बनाया जा सकता है.
मैन्युफैक्चरिंग : इलेक्ट्रॉनिक के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की स्कीम की हो सकती है घोषणा

इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्कीम लाई जा सकती है. 10,000 Cr से ज्यादा की स्कीम की घोषणा संभव है. लैपटॉप, टैबलेट बनाने के लिए इंसेटिव मिलने की संभावना है. प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, स्मार्ट वॉच भी इसमें शामिल हैं. वर्चुअल हेडसेट, ईयर बड्स को भी शामिल किया जा सकता है.



ऑटोमोबाइल : घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए आयातित इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर बढ़ेगी ड्यूटी

इंपोर्टेड इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब महंगी हो सकती हैं. EVs के CBU और SKD पर ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है. EV मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए फैसला लिया जा सकता है. 40% से बढ़ाकर 50% तक कस्टम ड्यूटी हो सकती है.



इंफ्रास्ट्रक्चर : टैक्स फ्री बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी

कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए नेशनल बैंक बनाए जा सकते हैं. 1 Lk Cr रुपए Authorized Capital का प्रावधान संभव है. 20,000 Cr Initial Paid Up Capital की संभावना है. पेंशन, प्रोविडेंट फंड का एक हिस्सा जा सकता है. टैक्स फ्री बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी की जा सकती है. llFCL की जगह नेशनल बैंक जगह ले सकता है.
छोटे कर्ज : सकंट से जूझ रहे NBFCs को मिलेगी लिक्विडिटी

एनबीएफसी यानी NBFCs की लिक्विडिटी की दिक्कत दूर की जा सकती है. बिना रेटिंग वाले NBFCs को टर्म लोन की सुविधा मिलने की संभावना है. NBFCs को डेडिकेटेड फंडिंग होगी. TDS कटौती के नियमों में NBFCs को राहत मिलने की संभावना है.



एजुकेशन : वर्चुअल लैब्स, डिजिटल ट्रेनिंग का विस्तार, निपुण भारत अभियान का भी ऐलान
नई शिक्षा आने के बाद डिजिटल शिक्षा इंफ्रा के लिए फंड जुटाया जा सकता है. वर्चुअल लैब्स, डिजिटल ट्रेनिंग का विस्तार किया जा सकता है. ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड का विस्तार होने की संभावना है. साथ ही निपुण भारत अभियान की घोषणा भी जा सकती है.


चुनौतियां भी... लोगों में पैसा खर्च करने के लिए विश्वास जगाना होगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने कोरोना से जूझ रही इकोनॉमी में दोबारा कॉन्फिडेंस जगाना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी. सरकार को लोगों में पैसा खर्च करने के लिए विश्वास जगाना होगा. सरकार को ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन लगवाना लक्ष्य रखना पड़ सकता है. वित्त मंत्री को वैक्सीनेशन पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है. दिक्कत वाले सेक्टर्स को बूस्टर डोज भी वित्त मंत्री को देना होगा. वित्त मंत्री को Fiscal Deficit की चिंता करे बिना ग्रोथ पर फोकस करना होगा. साथ ही अतिरिक्त सेस लगाने से भी वित्त मंत्री को बचना होगा.



कोरोना की वजह से ऐसा रहा है इस साल जीडीपी का हाल
वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में अगर नजर डालें तो ये -23.9% पर थी. दूसरी तिमाही में GDP में कुछ बड़ा सुधार दिखा और ये -7.5% रही. अनुमान है कि पूरे वित्त वर्ष 2021 में यह -7.7% फीसदी रहेगी.



पैनल में इन विशेषज्ञों ने बताया संभावित बजट
सीएनबीसी-आवाज के पैनल सदस्य राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, रसना (Rasna) के CMD पिरुज खम्बाटा, Apex Chamber of Commerce & Industry के प्रेसिडेंट कपिल चोपड़ा, टीमलीज (TeamLease) के बिजनेस हेड अमित वडेरा और बिजनेस स्टैंडर्ड के एडिटोरियल हेड ए के भट्टाचार्य.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज