Budget 2019: टैक्स स्लैब में बदलाव को लेकर न हों कंफ्यूज़, 5 लाख की इनकम में छूट को ऐसे समझें

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 5 लाख तक सालाना आय वालों को टैक्स में छूट दे दी है लेकिन जिनकी आय 5 लाख से ज्यादा है उनके लिए पुराने ही टैक्स के नियम जारी रहेंगे.

News18Hindi
Updated: February 2, 2019, 4:33 PM IST
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Updated: February 2, 2019, 4:33 PM IST
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (1 फरवरी) को लोकसभा में मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश किया. इस बजट में नौकरीपेशा, किसानों और महिलाओं के लिए कई ऐलान किए गए. सबसे अहम ऐलान आयकर में छूट को लेकर किया गया है. पीयूष गोयल ने कहा कि जिन नौकरीपेशा लोगों की सालाना आय 5 लाख रुपये तक है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा. इससे करीब 3 करोड़ टैक्स पेयर्स को टैक्स में 18,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा. हालांकि, 5 लाख से अधिक आय वाले लोगों को पुरानी व्यवस्था के मुताबिक टैक्स चुकाना होगा.

पीयूष गोयल के इन ऐलानों को लेकर आप कंफ्यूज़न में न रहें. क्योंकि 5 लाख तक के इनकम में छूट का फायदे में भी कई पेंच हैं. इसके अलावा ये ऐलान अभी वादा भर है, जिसे केंद्र में दोबारा मोदी सरकार बनने पर अमल में लाया जाएगा. (यूनियन बजट 2019 के लाइव अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें....)

 

5 लाख तक के इनकम में छूट को ऐसे समझें:-

>>अगर 80 C से लेकर 80 U के तहत आने वाले सभी कटौती (deduction) के बाद भी अगर आपकी सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा अधिक रहती है, तो आपको टैक्स देना होगा वर्ना नहीं.

>>वहीं, जिनकी की सालाना इनकम 6.50 लाख रुपये तक है, उन्‍हें भी किसी तरह का टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन, इसमें भी पेंच है. इन लोगों को टैक्स में छूट तभी मिल पाएगी, अगर वे 80C के तहत इन्वेस्टमेंट करेंगे.

>>यही नहीं, पहले की ही तरह दो लाख रुपये तक के होम लोन के ब्‍याज, एजुकेशन लोन पर ब्‍याज, राष्‍ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में योगदान, मेडिकल इंश्योरेंस, वरिष्‍ठ नागरिकों की मेडिकल चेकअप पर होने वाले खर्च वगैरह के अलावा कटौतियों के साथ और अधिक आय वाले व्‍यक्तियों को भी कोई टैक्स नहीं देना होगा.
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टैक्स को लेकर हुए ये ऐलान- पिछले बजट में लाए गए स्टैंटर्ड डिडक्शन की सीमा भी 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई. इतना ही नहीं, बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट डिपॉजिट पर 10 हजार की जगह अब 40 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री हो गया है. रेंटल इनकम पर TDS की सीमा को 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये किया गया है.

 

टैक्स स्लैब


आम नागरिक के लिए
>> 2.5 लाख रुपये की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं
>> 2,50,001 से 5,00,000 रुपये तक की आमदनी पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा
>> 5,00,001 से 10 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा
>> 10 लाख से अधिक की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा.



बता दें कि लोकसभा चुनाव की वजह से इस बार अंतरिम बजट (वोट ऑन अकाउंट) पेश किया गया. इसमें नए वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीने के खर्च के लिए संसद से मंजूरी ली गई. लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी. आर्थिक सर्वेक्षण भी उसी समय पेश किया जाएगा.

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