लाइव टीवी

भारत में बुलियन बैंक खोलने की तैयारियां हुई तेज! आम आदमी को मिलेंगे ये फायदे

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 5:17 PM IST
भारत में बुलियन बैंक खोलने की तैयारियां हुई तेज! आम आदमी को मिलेंगे ये फायदे
भारत में अब बुलियन बैंकिंग यानी सोने और चांदी से जुड़े बैंक खोलने की तैयारी है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) ने सरकार से भारत में चरणबद्ध तरीके से में बुलियन बैंकिंग (Bullion Banking in India) शुरू करने की सलाह दी है. आइए जानें इसके बारे में...

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2019, 5:17 PM IST
  • Share this:
मुंबई. चीन और यूरोपीय देशों के बाद अब भारत में भी (Bullion Banking) बुलियन बैंकिंग (गोल्ड-सिल्वर के जरिए बैंकिंग) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने सरकार से भारत (Government of India) में चरणबद्ध तरीके से  में बुलियन बैंकिंग (Bullion Banking in India) शुरू करने की सलाह दी है. डब्ल्यूजीसी (World Gold Council) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मौजूदा समय में भारतीय गोल्ड मार्केट कई बड़ी चुनौतियों का सामान कर रही है जैसे सोने की क्वालिटी को लेकर सवाल उठते है. साथ ही, गोल्ड मार्केट पूरी तरह से संगठित नहीं है. ऐसे में भारत के पास दुनियाभर में अपनी धाक जमाने का अच्छा मौका है. क्योंकि भारत (Gold Consumer Countries) दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यूमर देश है. सालभर में 850 से 900 टन सोने की खपत भारत में होती है.

आइए जानें बुलियन बैंकिंग के बारे में...

क्या होती है बुलियन बैंकिंग- गोल्ड को दुनियाभर के सबसे अच्छे लिक्विड ऐसेट क्लास (आसानी से कैश में भुनाए जा सकने वाले ऐसेट) में से एक माना जाता है. अमेरिका, यूके, चीन और स्विट्जरलैंड समेत कई देशों में बुलियन मार्केट पूरी तरह कामकाजी और ऑर्गनाइज्ड है.

>> केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि बुलियन बैंकिंग सर्विसेज दुनियाभर के कई देशों में चल रही है. भारत में भी इसके तेजी से विस्तार पर बाते होने लगी है. अगर आसान शब्दों में कहें तो पारंपरिक बैंकिंग सर्विस की तरह ही होती है.



>> बुलियन बैंकिंग के जरिए आम लोगों  सोने के बदले कर्ज बांटना, इन्वेस्टमेंट कराना और शेयर की तरह सोने की ट्रेडिंग शामिल है.

>> चीन में गोल्ड की सबसे अधिक खपत होती है. आज चीनी बैंकों की बड़ी तादाद बुलियन मार्केट में भी हिस्सा लेती है.
Loading...

>> दुनियाभर में फिलहाल बुलियन बैंकिंग का इस्तेमाल सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट के लिए होता है. बुलियन बैंक आमतौर पर लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) में भाग लेते हैं और LBMA अच्छी डिलीवरी बुलियन पर आधारित बैंकिंग करते हैं.

ये भी पढ़ें-SBI में बचत खाते पर कम मिलेगा मुनाफा, ज्यादा के लिए यहां करें निवेश

आम आदमी को मिलेंगे कई फायदें- अजय केडिया बताते हैं कि बुलियन बैंकों के आने से आम लोगों को कई फायदे मिलेंगे. अगर किसी को अपना सोना बेचना है तो स्थानीय ज्वैलर्स अक्सर सोने की गुणवत्ता पर सवाल उठाकर आम लोगों को ठग लेते है. ऐसे में बुलियन बैंक के जरिए आम लोग आसानी से सोना बेच पाएंगे. वहीं, सोना खरीदते वक्त भी गुणवत्ता जैसे मामलों में भी कोई टेंशन नहीं रहेगी.

अजय केडिया का कहना है कि बुलियन बैंकिंग के जरिए आप कभी भी और कहीं भी जरूरत पड़ने पर पैसा ले सकेंगे. केडिया उदाहरण के तौर पर बताते हैं कि बुलियन बैंकिंग में गोल्ड मार्केट पूरी तरह से ऑर्गनाइज हो जाएगी. ऐसे में शेयर्स की तरह डिमैट में सोना रहा करेगा और जब भी पैसों की जरूरत हुई उसे एटीएम के जरिए बेचकर पैसे हासिल हो सकेंगे.



अजय का कहना है कि भारत में बुलियन बैंकों को लेकर कई चुनौतियां भी है. जैसे भारत में सोना कंज्यूमर ज्यादा होता है. ऐसे में डिमैटलाइज हो पाना बहुत मुश्किल रहेगा. साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में बुलियन बैंकिंग को लेकर जागरुक करना भी सरकार के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने दिए बुलियन बैंक को लेकर कई अहम सुझाव
WGC के सुझाव के मुताबिक पहले चरण में बुलियन बैंक 1-2 साल तक वैल्यू-जेनरेटिंग प्रॉडक्ट्स के सीमित रेंज ऑफर कर सकते हैं.

>> इनमें गोल्ड मेटल लोन, डोर फाइनेंसिंग, गोल्ड डिपॉजिट प्रॉडक्ट्स, गोल्ड बैक इंश्योरेंस, ब्रोकरेज और क्लियरिंग जैसे सर्विसेज शामिल किए जा सकते हैं.

>> दूसरे चरण में 2-5 साल की अवधि में बैंक स्पॉट और डेरिवेटिव, दोनों मार्केट के लिए मार्केट मेकिंग सर्विसेज ला सकते हैं.

>> साथ ही, खुदरा और संस्थागत निवेशकों के लिए इनोवेटिव इनवेस्टमेंट प्रॉडक्ट भी ऑफर कर सकते हैं. इसके बाद अगले पांच सालों में सराफा बैंक ग्लोबल बुलियन मार्केट में विस्तार कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें-सरकार की मदद से 2 लाख में शुरू करें ये खास बिजनेस, हर महीने होगी मोटी कमाई

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 1, 2019, 12:00 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...