Home /News /business /

चीन को दो साल से जारी तनाव के बीच ढील देने की तैयारी में भारत, इस नियम में बदलाव कर सकती है सरकार

चीन को दो साल से जारी तनाव के बीच ढील देने की तैयारी में भारत, इस नियम में बदलाव कर सकती है सरकार

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, भारत, चीन, व्यापार, निवेश, नियमों में ढील

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, भारत, चीन, व्यापार, निवेश, नियमों में ढील

India FDI Policy China Investment, निवेश को रफ्तार देने के लिए मोदी सरकार FDI Policy बदलाव पर विचार कर रही है. पॉलिसी में ढील देने से भारत में निवेशकों की बाढ़ आ जाएगी.

    नई दिल्ली. बॉर्डर (Border) पर दो साल तक जारी तनाव के बीच भारत सरकार (Indian Government) चीन (China) से आने वाले निवेश को लेकर नियमों में ढील देने की तैयारी में है. मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि महामारी के दौर में निवेश (Investment) को रफ्तार देने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार प्रत्यक्ष विदेश निवेश (FDI) नियमों में कुछ बदलाव पर विचार कर रही है.

    अगर बदलाव होता है तो इसके तहत अगर कोई निवेशक (Investor) भारतीय सीमा से सटे देशों से संबंधित है और कंपनी में उसका मालिकाना हक 10 फीसदी से कम है तो ऐसे निवेश प्रस्ताव के लिए मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी. वर्तमान में अगर कोई कंपनी या निवेशक भारतीय सीमा से सटे देशों से संबंधित है तो वहां से आने वाले निवेश की ज्यादा कड़ाई से जांच होती है.

    ये भी पढ़ें- Budget 2022 : नौकरीपेशा के लिए अच्छी खबर! सरकार बढ़ा सकती है टैक्स छूट की लिमिट, टेक होम सैलरी में होगा इजाफा

    अगले महीने मिल सकती है मंजूरी
    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा नियम (Rule) की वजह से करीब 6 अरब डॉलर का विदेशी निवेश रुका हुआ है. माना जा रहा है कि इसमें बदलाव को अगले महीने यानी फरवरी तक मंजूरी मिल जाएगी. भारत सरकार ने पिछले दिनों खासकर चीन से आने वाले निवेश को ध्यान में रखते हुए एफडीआई नियमों में बदलाव किया था.

    ये भी पढ़ें- महामारी के बीच Indian Economy पर विदेशी निवेशकों का भरोसा कायम, ये धनकुबेरडाल रहे हैं भारतीय बाजार में पैसा

    ढील से तेजी से बढ़ेगा निवेश
    रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर, 2021 तक चीन समेत अन्य सीमावर्ती देशों से आने वाले 100 निवेश प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार है. इनमें एक चौथाई से ज्यादा प्रस्ताव ऐसे हैं, जिसमें निवेश मूल्य (Invest Value) एक करोड़ डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपये) से ज्यादा है. माना जा रहा है कि नियमों में ढील देने के बाद भारत में निवेशकों की बाढ़ आ जाएगी और बड़े पैमाने पर निवेश आएगा.

    ये भी पढ़ें- Personal Finance : रुपये-पैसे से जुड़े मामलों में पुरुषों से आगे निकलीं महिलाएं, वित्तीय भरोसा भी ज्यादा

    इसलिए बदला गया था एफडीआई नियम
    चीन ने मौके का फायदा उठाते हुए भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर निवेश शुरू कर दिया था. ऐसे में चीन के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने के मकसद से सरकार ने एफडीआई नियमों में बदलाव किया था. इसके बाद चीन, हांगकांग से आने वाले निवेश के प्रस्ताव को धीरे-धीरे स्वीकृति मिलने लगी. निवेश के दर्जनों प्रस्ताव अब भी जांच के लिए पेंडिंग हैं.

    निवेश में लगातार आ रहा उछाल
    वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-21 में कुल 82 अरब डॉलर का एफडीआई आया. अप्रैल-जुलाई अवधि में यह आंकड़ा 62 फीसदी बढ़कर 27 अरब डॉलर रहा था. मोदी सरकार के कार्यकाल में 2014-15 से 2020-21 के बीच कुल 440.27 अरब डॉलर का एफडीआई आया है.

    Tags: Business news in hindi, China, Fdi, India

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर