Corona Impact: कोरोना की दूसरी लहर से 5 लाख करोड़ रु का हुआ व्यापारिक नुकसान, दिल्ली में 25 हज़ार करोड़ रु का घाटा

कोरोना की दूसरी लहर से हुआ भारी नुकसान

कोरोना की दूसरी लहर से हुआ भारी नुकसान

Corona Impact: कोरोना की दूसरी लहर से जानमाल के नुकसान सहित 5 लाख करोड़ रुपये का व्यापारिक नुकसान हुआ है जिसमें से 25 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान सिर्फ दिल्ली को ही हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 6:49 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर (COVID-19) ने देश भर में तबाही मचा रखी है. कोरोना के इस सुनामी में देश के व्यापार को भी भारी नुकसान हो रहा है. कई राज्यों में लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा और उसकी वजह से दुकानों का शटर डाउन होने से देश के व्यापारियों को बड़ा नुकसान हो रहा है. व्यापारिक संगठन कैट (CAIT) ने दावा किया है कि दिल्ली और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन, कई राज्यों में कोरोना के कारण रात्रि कर्फ्यू, सप्ताहांत लॉकडाउन, आंशिक लॉकडाउन और कई प्रतिबंधों के कारण देश में करीब 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है.

5 लाख करोड़ रुपये में से करीब 3.5 लाख करोड़ का रिटेल कारोबार और 1.5 लाख करोड़ रुपये के थोक कारोबार के प्रभावित होने का अनुमान है. यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने यह भी दावा किया है कि कोरोना के खौफ से देश भर में करीब 80% लोगों ने बाज़ारों में खरीददारी के लिए आना बंद कर दिया है.आपको बता दे कि कैट के रिसर्च विंग कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा विभिन्न राज्यों के व्यापारी संगठनों से बातचीत कर व्यापार में इस नुक्सान का अनुमान लगाया गया है.

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दिल्ली के व्यापार को 25 करोड़ रुपये का नुकसान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कि कोरोना में भारी तबाही मचा रखा है. पिछले कुछ दिनों से औसतन 20-22 हज़ार से अधिक नए कोरोना मामले सामने आ रहे है. दुखद पहलू यह है कि पॉजिटिविटी दर लगातार बढ़ रहा है. इन परिस्थितियों के मद्देनजर दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 2 सप्ताह का लॉक डाउन करने की घोषणा की है. इससे व्यापार और व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है. कैट ने अपने अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि अकेले दिल्ली में अब तक करीब 25 हजार करोड़ रुपये का नुक्सान हुआ है. 25000 करोड़ रुपये में से 15 हजार करोड़ रुपये का रिटेल कारोबार और 10 हजार करोड़ रुपये का थोक कारोबार का व्यापार नहीं हो पाया है.

कोरोना काल में लोग केवल आम जरूरत का सामान ई-व्यापार के माध्यम से मंगा रहे हैं. लॉक डाउन लगे होने के कारण लोग केवल घर के निकट की दुकानों तक ही आवश्यकता पड़ने पर ही जा रहे हैं. लॉक डाउन की वजह से दिल्ली में अंतर्राज्यीय व्यापार पूरी तरह से बंद है. न केवल उपभोक्ता बल्कि व्यापारी भी कोरोना सुनामी से खासा आतंकित हैं. चरमराई मेडिकल सुविधाओं के मद्देनजर उन्हें लगता है की यदि दुकानें खोली गई और किसी भी व्यापारी, उनके कर्मचारी या ग्राहकों को यदि कोरोना से संक्रमण हो गया तो वर्तमान परिस्थितियों में मेडिकल सुविधा भी मिलना मुश्किल है. कैट ने जानकारी दी कि इस बार की कोरोना लहर में दिल्ली में भी बड़ी संख्या में व्यापारियों की कोरोना की वजह से मृत्यु भी हुई है.



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कल से दिल्ली सहित देश भर में ऑनलाइन सर्वेक्षण होगा शुरू

कैट ने यह भी बताया कि 28 और 29 अप्रैल को दिल्ली सहित देश भर में ऑनलाइन सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा. इस सर्वेक्षण में देश भर के व्यापारियों और आम लोगों से विचार लिया जायेगा कि चिकित्सा सुविधाओं की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉक डाउन सहित अन्य क्या विकल्प हो सकते हैं. कैट ने कल देश के सभी प्रमुख व्यापारी संगठनों की एक वीडियो कांफ्रेंस भी बुलाई है जिसमें देश के प्रमुख व्यापारी नेता कोरोना के सम्बन्ध में आगे क्या किया जाए, इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे.

व्यापारिक नुकसान का अनुमान इस आधार पर लगाया गया

कैट के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने जानकारी दी कि देश में व्यापारिक नुकसान का अध्ययन रिपोर्ट देश के 14 राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल, कर्णाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, उड़ीसा और बिहार के प्रमुख व्यापारी संगठनों से बातचीत कर तैयार की गई है. इन संगठनों ने स्थानीय बाज़ारों की स्थिति, कोरोना प्रतिबन्ध और ग्राहकों के खरीददारी स्वभाव के आधार पर संकलित और अनुमानित किया गया है.
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