Home /News /business /

तेजी से बढ़ रही है इस बिजनेस की डिमांड, हर महीने लाखों कमाने का मौका!

तेजी से बढ़ रही है इस बिजनेस की डिमांड, हर महीने लाखों कमाने का मौका!

हम आपको बता रहे हैं कि पेपर नैपकिन बनाने की मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट आप कैसे लगा सकते हैं और इस पर कितना खर्च आता है...

हम आपको बता रहे हैं कि पेपर नैपकिन बनाने की मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट आप कैसे लगा सकते हैं और इस पर कितना खर्च आता है...

हम आपको बता रहे हैं कि पेपर नैपकिन बनाने की मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट आप कैसे लगा सकते हैं और इस पर कितना खर्च आता है...

    लाइफ स्टाइल बदलने से पेपर नैपकिन, जिसे टिश्यू पेपर भी कहा जाता है की मांग काफी बढ़ गई है. घर, ऑफिस, होटल-रेस्त्रां में टिश्यू पेपर ने अपनी जगह बना ली है. खास बात यह है कि टिश्यू पेपर की डिमांड न सिर्फ शहरों में बल्कि गांवों में भी तेजी से बढ़ रही है. इसलिए यह बिजनेस एक बड़ा आकार लेता जा रहा है. ऐसे में इसमें बिजनेस के अवसर भी बने है. अगर आप भी बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो पेपर नैपकिन के बिजनेस में हाथ आजमा सकते हैं. इस बिजनेस को शुरू करने में आप सरकार की भी मदद ले सकते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं कि पेपर नैपकिन बनाने की मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट आप कैसे लगा सकते हैं और इस पर कितना खर्च आता है. इस बिजनेस के जरिए आप लाखों में कमाई कर सकते हैं. (ये भी पढ़ें: सिर्फ 5 हजार में ले सकते हैं पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी, पहले दिन से शुरू होगी कमाई)

    लगाने होंगे 3.50 लाख रुपये- अगर आप पेपर नैपकिन की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहते हैं तो आपको करीब 3.50 लाख रुपये का इंतजाम करना होगा. इतने पैसे होने के बाद आप किसी भी बैंक के पास मुद्रा स्‍कीम के तहत लोन के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं. 3.50 लाख रुपये आपके पास होने के कारण बैंक आपको लगभग टर्म लोन के तौर पर लगभग 3 लाख 10 हजार रुपये और वर्किंग कैपिटल लोन 5.30 लाख रुपये तक मिल जाएगा.



    उत्पादन लक्ष्य- आप साल में 1.50 लाख किलोग्राम पेपर नैपकिन का उत्पादन कर सकते हैं. यह नैपकिन लगभग 65 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेच सकते हैं. यानी कि आप साल भर में लगभग 97.50 लाख रुपये का टर्नओवर कर सकते हैं.

    जमीन: प्लांट लगाने के लिए आपके पास जमनन या बिल्डिंग होना जरूरी है, अगर नहीं है तो इसे आप रेंट या लीज पर भी ले सकते हें.

    कितना होगा खर्च- मशीनरी पर खर्च 4.40 लाख रुपये (इसमें मशीनरी पर 4 लाख रुपये और सेल्स टैक्स, और इंश्योरेंस पर 40 हजार रुपये), रॉ मटीरियल (प्रति माह) पर 7.13 लाख रुपये, टिश्यू पेपर 21 जीएसएम लगभग 12.5 टन पर 7 लाख रुपये, स्याही व कंज्यूमेबल पर 10 हजार रुपये, पैकिंग मटीरियल पर 3000 रुपये, स्टॉफ पर खर्च (प्रति माह) 27600 रुपये अन्य खर्च 13,500 रुपये, बिजली पर 2,500 रुपये, ट्रांसपोर्ट पर 3,000 रुपये, कंज्यूमूबल पर 1,000 रुपये, टेलिफोन पर 1,000 रुपये, स्टेशनरी पर 1,000 रुपये, मेंटिनेंस पर 1,000 रुपये, वर्किंग कैपिटल के लिए 7.54 लाख रुपये खर्च होंगे. यानी कुल निवेश 11.94 लाख रुपये का होगा. (ये भी पढ़ें: रोजाना सिर्फ 30 रुपये बचाकर पा सकते हैं 6 लाख रुपये, ये है आसान तरीका!)



    कितनी होगी कमाई- आप साल में लगभग 1.50 लाख किलोग्राम पेपर नेपकिन का प्रोडक्‍शन कर सकते हैं. यह नैपकिन लगभग 65 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेच सकते हैं. यानी कि आप साल भर में लगभग 97.50 लाख रुपए का टर्न ओवर कर सकते हैं. ऐसे में यदि आप सारे खर्च को जोड़ दें तो लगभग 92.50 लाख रुपए खर्च होंगे. यानी सालाना 5 लाख रुपए बचा सकते हैं. यानी कि आप लगभग 42 हजार रुपए तक कमाई कर सकते हैं. (ये भी पढ़ें: PM मोदी का वादा, दोबारा सत्ता में आए तो देंगे बिना गांरटी 50 लाख का लोन)



    मुद्रा योजना के तहत करें अप्लाई- इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी...नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए. इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती. लोन का अमाउंट आसान किस्तों में लौटा सकते हैं.

    ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स ने बताया रिफंड पाने का नया तरीका, ये काम करने पर सीधे खाते में आएंगे पैसे

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स

    Tags: Business loan, Business news in hindi, Business opportunities, How to start a business, Mudra loan scheme, New business, New Business Idea

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर