लॉकडाउन में भी हिट रहा ये बिजनेस, खोलने के लिए सरकार देती है 2.5 लाख रुपए

लॉकडाउन में भी हिट रहा ये बिजनेस, खोलने के लिए सरकार देती है 2.5 लाख रुपए
लॉकडाउन में 2 महीने जनऔषधि केंद्रों ने की 100 करोड़ की बिक्री

सरकार का जेनरिक दवाओं का प्रचलन बढ़ाने पर जोर है. इसके लिए सरकार लोगों को जनऔषधि केंद्र खोलने का अवसर भी दे रही है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (Pradhan Mantri Bhartiya Janaushdhi Kendras- PMBJKs) ने साल 2020-21 के पहले दो महीने में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री की है. जनऔषधि केंद्रों (Janaushdhi Kendras) पर सस्ती दवाओं की खरीद से लोगों को कुल 800 करोड़ रुपए की बचत हुई है. बता दें कि आम आदमी पर दवा के खर्च को कम करने के लिए मोदी सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJK) शुरू की थी. सरकार का जेनरिक दवाओं का प्रचलन बढ़ाने पर जोर है. इसके लिए सरकार लोगों को जनऔषधि केंद्र खोलने का अवसर भी दे रही है.

90 फीसदी तक सस्ती मिलती मिलती हैं दवाएं
जनऔषधि केंद्रों पर दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 फीसदी सस्ती मिलती हैं. अभी देश भर में 726 जिलों में 6,300 से अधिक जनऔषधि केंद्र हैं. जनऔषधि केंद्र खोलने प्रोसेस भी काफी आसान है. साथ इसे खोलने में ज्यादा खर्चा भी नहीं आता है. आप इसे खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. सरकार भी आपकी इसे खोलने में आर्थिक मदद करती है. साथ ही इसे खोलने के लिए आपकी मोटी कमाई भी होती है.

यह भी पढ़ें: लाखों PF अकाउंट होल्डर्स को नहीं पता होगी ये बात! मिलता है ₹6 लाख का बीमा कवर



सरकार से मिलती है मदद


Janaushdhi Kendra खोलने पर 2.50 लाख रुपए का खर्च आता है और सरकार इसका पूरा खर्च उठाती है. सरकार से दवाओं की बिक्री पर 20 फीसदी तक मार्जिन मिलता है. हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी इंसेंटिव मिलता है. इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10 हजा रुपए महीने तक फिक्स है. यह इंसेंटिव तब तक मिलता है जब तक 2.50 लाख रुपए पूरे न हो जाएं.

कौन खोल सकते हैं जनऔषधि केंद्र?
सरकार ने जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए तीन तरह की कैटेगरी बनाई है. पहली कैटेगरी के तहत काई भी व्यक्ति, बेरोगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशन स्टोर शुरू कर सकता है. दूसरी कैटेगरी के तहत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी सेल्फ हेल्प ग्रुप को अवसर मिलेगा. तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसीज़ होंगी. इसके लिए 120 स्क्वैयर फीट एरिया में दुकान होनी जरूरी है. स्टोर शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से 900 दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी.

कैसे करें अप्लाई?
स्टोर खोलने के लिए आपके पास रिटेल ड्रग सेल करने का लाइसेंस जन औषधि स्टोर के नाम से होना चाहिए. जो व्यक्ति या एजेंसी स्टोरी खोलना चाहता है, वह http://janaushadhi.gov.in/ पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकता है. एप्लीकेशन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर(A&F)के नाम से भेजना होगा. ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर और भी जानकारी उपलब्ध है.

यह भी पढ़ें: खुशखबरी! अगले 60 दिनों में 1 लाख लोगों को रोजगार देगी ये कंपनी

अगर आप खुद आवेदन कर रहे हैं तो अपने आधार (Aadhaar) व पैन कार्ड (Pan Card) की जरूरत होगी. अगर कोई गैर सरकारी संगठन (NGO), फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करता है तो उसे आधार, पैन, संस्था बनाने का सर्टिफिकेट एवं उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना होगा. PMJAY के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आपके पास कम से कम 120 वर्गफीट की जगह होनी चाहिए.

कितनी होगी कमाई?
जेनेरिक मेडिकल स्टोर के जरिए महीने में जितनी दवाइयों की बिक्री होगी, उसका 20 फीसदी कमीशन के रूप में मिलेगा. इस लिहजा से अगर आपने महीने में 1 लाख रुपये की भी बिक्री की तो उस महीने में आपको 30 हजार रुपये की कमाई हो जाएगी.
First published: June 2, 2020, 5:42 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading