लॉकडाउन में मोदी सरकार बेच रही बाजार भाव से सस्ता सोना! सोमवार से मिलेगा मौका

लॉकडाउन में मोदी सरकार बेच रही बाजार भाव से सस्ता सोना! सोमवार से मिलेगा मौका
मोदी सरकार बेच रही बाजार भाव से सस्ता सोना

देश में जारी लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार (Government of India) सस्ता सोना (Buy Gold on Cheap Price) खरीदने की नई स्कीम लाई है. 11 मई से इसकी शुरुआत होगी.

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नई दिल्ली. कोरोना के इस संकट (Coronavirus Crisis) के बीच सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी है. सोने की बढ़ती कीमतों के बीच (Gold Prices) मोदी सरकार (Government of India) सस्ते सोने की नई स्कीम लाई है. सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 (Sovereign Gold Bond Scheme) के अगले चरण की कीमत ₹4,590 प्रति ग्राम की गई तय की गई है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21 की सीरीज-2 सब्सक्रिप्शन के लिए 11 मई 2020 से 15 मई 2020 तक खुली रहेगी. इसके पहले सीरीज का इश्यू प्राइस 4,639 रुपये प्रति ग्राम था. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का पहला इश्यू 20 अप्रैल से 24 अप्रैल 2020 तक खुला था. आपको बता दें कि घरेलू सर्राफा बाजार लॉकडाउन की वजह से बंद है. लेकिन फ्यूचर में सोने की कीमतें 50 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के करीब पहुंच गई है.

कितना खरीद सकते हैं सोना- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के निवेश करने वाला व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है. वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है. इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं. स्कीम के तहत निवेश पर 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा.

आरबीआई ने अपने इस बयान में कहा है कि गोल्ड बॉन्ड की इश्यू प्राइस ₹4,590 प्रति ग्राम तय किया गया है लेकिन गोल्ड बॉन्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन और पेमेंट करने वालों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी.अगर आप डिजिटल मोड में पेमेंट करते हैं तो 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी. छूट के साथ बॉन्ड का इश्यू प्राइस 4,540 रुपये प्रति ग्राम होगा. इस स्कीम के तहत सबसे छोटा बॉन्ड 1 ग्राम के सोने के बराबर होगा.



कोई भी व्यक्ति या HUF एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 4 किलो ग्राम सोने का बाॉन्ड खरीद सकता है. कुल मिलाकर व्यक्तिगत तौर पर बॉन्ड खरीदने की सीमा 4 किलो है वहीं ट्रस्ट या संगठन के लिए 20 किलोग्राम तय की गई है.
इस योजना की परिपक्वता अवधि 8 साल है. लेकिन अगर फिर भी बॉन्ड बेचना चाहते हैं तो कम से कम 5 साल का इंतजार करना होगा. इसी अवधि के बाद सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को बाजार कीमतों पर भुनाया जा सकता है. इस बॉन्ड को सिर्फ कोई व्यक्ति या HUF,ट्रस्ट, यूनिवर्सिटीज और कल्याणकारी संस्थाएं ही खरीद सकेंगी.

क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम?- इस योजना की शुरुआत नवंबर 2015 में हुई थी. इसका मकसद फिजिकल गोल्ड की मांग में कमी लाना तथा सोने की खरीद में उपयोग होने वाली घरेलू बचत का इस्तेमाल वित्तीय बचत में करना है. घर में सोना खरीद कर रखने की बजाय अगर आप सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में निवेश करते हैं, तो आप टैक्‍स भी बचा सकते हैं.

यहां से खरीदें सस्ता सोना- Sovereign Gold Bond की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, चुने गए पोस्ट ऑफिस और एनएसई एवं बीएसई के जरिए होती है. आप इन सभी में से किसी भी एक जगह जाकर बॉन्ड स्कीम में शामिल हो सकते हैं. आपको बता दें कि भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने की दी गई कीमतों के आधार पर इस बांड की कीमत रुपये में तय होती है.

कैपिटल गेन टैक्स की होगी बचत- बॉन्ड की कीमतें सोने की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भर करती है. सोने की कीमतों में गिरावट गोल्ड बॉन्ड पर नकारात्मक रिटर्न देता है. इस अस्थिरता को कम करने के लिए सरकार लंबी अवधि वाले गोल्ड बॉन्ड जारी कर रही है. इसमें निवेश की अवधि 8 साल होती है, लेकिन आप 5 साल के बाद भी अपने पैसे निकाल सकते हैं. पांच साल के बाद पैसे निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगाया जाता है.
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