बिल्डर को समय पर फ्लैट नहीं देना पड़ा महंगा, खरीदार को 8 लाख के बदले चुकाने पड़ेंगे 48 लाख रुपये

बिल्डर को समय पर फ्लैट नहीं देना पड़ा महंगा, खरीदार को 8 लाख के बदले चुकाने पड़ेंगे 48 लाख रुपये
बिल्डर को समय पर फ्लैट नहीं देना पड़ा महंगा

राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (National Consumer Commission) शुक्रवार को एक बिल्डर को 25 साल पहले 1000 वर्ग फुट फ्लैट के लिए भुगतान किए गए 8.2 लाख रुपये के बदले में नवी मुंबई के एक व्यक्ति को 47.65 लाख रुपये के मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 1:46 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (National Consumer Commission) ने एक बिल्डर को 25 साल पहले 1000 वर्ग फुट फ्लैट के लिए भुगतान किए गए 8.2 लाख रुपये के बदले में नवी मुंबई के एक व्यक्ति को 47.65 लाख रुपये के मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया, लेकिन खरीदार को फ्लैट का कभी कब्जा नहीं मिला. शुक्रवार को सुनाए गए एक आदेश में, आयोग ने कहा कि फ्लैट खरीदार, आर के सिंघल, राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा 2015 (39.45 लाख रुपये) में न केवल 11% ब्याज के हकदार थे, बल्कि मूल राशि 8.20 लाख रुपये भी थी.

राष्ट्रीय आयोग ने कहा, अपीलकर्ता 47.65 लाख रुपये पाने का हकदार होगा. Sudradh Constructions Pvt Ltd को यह राशि शिकायतकर्ता को 45 दिनों की अवधि के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया जाता है. भुगतान में विलंब पर वास्तविक भुगतान तारीख तक 6 फीसदी सालाना ब्याज चुकाना होगा.

यह भी पढ़ें- SBI के जरिए बुक करें Tata Nexon EV, फ्री में होम चार्जर हो जाएगा इंस्टॉल



टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सिंघल ने 2015 में Sudradh Constructions Pvt Ltd के खिलाफ नेशनल कंज्यूमर डिस्पयूट रेड्रेसल कमीशन का रुख किया, जब वह राज्य आयोग के आदेश से सहमत नहीं थे. हालांकि राज्य आयोग ने उसे मुआवजा दिया था, लेकिन उसने 2014 में आखिरकार जिस फ्लैट का निर्माण किया था, उस पर कब्जा करने की उसकी याचिका स्वीकार नहीं की.
राष्ट्रीय आयोग ने राज्य आयोग के फैसले से सहमति व्यक्त की कि वह फ्लैट का हकदार नहीं था क्योंकि उसने 2001 में पहली बार शिकायत दर्ज करने के कई साल बाद ही यह मांग की थी. शिकायतकर्ता ने 2001 में आयोग में शिकायत की थी. उसमें उन्होंने रिफंड मांगा था. 2015 में जब उनका केस फाइनल स्टेज में था तो उन्होंने फ्लैट का पजेशन दिए जाने की मांग की लेकिन वह नहीं मानी गई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज