3 गुना तक महंगा हो जाएगा Ola-Uber का किराया, सरकार ला सकती है नया नियम

Ola और Uber जैसी कंपनियों ने डिमांड और सप्लाई को रेग्युलेट करने के लिए सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) के पक्ष में अपनी बात रखी है.

News18Hindi
Updated: September 13, 2019, 8:55 PM IST
3 गुना तक महंगा हो जाएगा Ola-Uber का किराया, सरकार ला सकती है नया नियम
Ola और Uber जैसी कंपनियों ने डिमांड और सप्लाई को रेग्युलेट करने के लिए सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) के पक्ष में अपनी बात रखी है.
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Updated: September 13, 2019, 8:55 PM IST
नई दिल्ली. बहुत जल्द केंद्र सरकार कैब एग्रीगेटर ( Cab Aggregators) कंपनियों को अत्यधिक मांग के समय में तीन गुना अधिक बेस किराया वसूलने की मंजूरी दे सकती है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लिए कुछ नियमों में बदलाव करने की तैयारी में है. Ola और Uber जैसी कंपनियों ने डिमांड और सप्लाई को रेग्युलेट करने के लिए सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) के पक्ष में अपनी बात रखी है.

नए नियम में सरकार सर्ज प्राइसिंग को लेकर यह तय कर सकती है कि आखिर किस हद तक ये कंपनियां किराये में बढ़ोतरी करेंगी. इस प्रस्तावित नियम में नया मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) भी एक हिस्सा होगा और पहली बार कैब एग्रीगेटर्स को डिजिटल इंटरमीडियरीज (Digital Intermediaries) या मार्केटप्लेस माना जायेगा. इसके पहले, नियमों के मुताबिक कैब एग्रीगेटर्स को स्वतंत्र ईकाई के रूप में नहीं माना जाता था.

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नियमों में बदलाव के लिए राज्यों को मिलेगी छूट: इस रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि नये नियम में कैब एग्रीगेटर्स के लिए पूरे देशभर में लागू होगा. लेकि​न, राज्यों को इस बात की छूट होगी कि वो इन नियमों में बदलाव कर सकें. राज्यों को नियमों में बदलाव करने के लिए यह जवाब जरूर देना होगा कि आखिर वे क्यों इन नियमों में बदलाव कर रहे हैं.

कर्नाटक पहला ऐसा राज्य है जो कैब एग्रीगेटर्स को रेग्युलेट करता है। कर्नाटक में गाड़ियों की कीमत के स्लैब के आधार पर न्यूनतम और अधिकतम बेस किराया तय किया गया है. हालांकि, लग्जरी कारों के लिए न्यूनतम व अधिकतम अंतर केवल 2.25 फीसदी का ही है. छोटी कैब्स के लिए यह दोगुनी है.

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ग्राहक पहले से ही पीक समय में कैब की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान हैं, ऐसे में केंद्र सरकार की इस नये नियम के बाद उन्हें झटका लग सकता है.

सर्वे में क्या है लोगों का कहना: लोकसर्किल के एक सर्वे में कुल 51,000 लोगों में से 39 फीसदी लोगों ने माना कि कैब बुक करते वक्त उनके लिए सबसे चिंता की बात सर्ज प्राइसिंग होती है. 49 फीसदी लोगों ने माना कि सर्ज प्राइसिंग की अधिकतम सीमा बेस प्राइस का 25 फीसदी ही होना चाहिए, जबकि 45 फीसदी लोगों ने माना कि सर्ज प्राइसिंग की व्यवस्था पूरी तरह से बैन हो जाना चाहिए. दूसरी तरफ, कैप एग्रीगेटर्स का कहना हे कि सर्ज प्राइसिंग की वजह से अधिक डिमांड वाले जगहों पर जाने के लिए उत्सुक होंगे.

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First published: September 13, 2019, 8:26 PM IST
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