चीनी मिलों पर राहत के लिए दो प्रस्ताव मंजूर, 40 लाख टन के बफर स्टॉक को कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट की बैठक में चीनी मिलों को बड़ी राहत मिली हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कैबिनेट ने चीनी मिलों को राहत देने के लिए दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 4:00 PM IST
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Updated: July 24, 2019, 4:00 PM IST
कैबिनेट की बैठक में चीनी मिलों को बड़ी राहत मिली हैं. कैबिनेट ने चीनी मिलों को राहत देने के लिए दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. पहली राहत ये है कि सरकार चालू शुगर सीजन यानी 1 अगस्त से शुरू होने वाले शुगर सीजन के लिए 40 लाख टन का बफर स्टॉक बनाएगी. बफर स्टॉक बनाने का मतलब ये हुआ कि सरकार के नाम पर चीनी कंपनियां चीनी का अपना बफर स्टॉक बनाएगी. बफर स्टॉक के लिए सरकार देगी करीब 1700 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी.

अगले सीजन के लिए गन्ने की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं
दूसरा जो बड़ा फैसला ये लिया है कि गन्ने की कीमत जिसे हम एफआरसी कहते हैं, उसमें अगले सीजन के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. बढ़ोतरी नहीं किए जाने का मतलब जो 2019-20 में गन्ने की कीमत होगी, वो 2018-19 के सीजन के बराबर गन्ने की कीमत होगी. गन्ने की FRP 275 रुपये प्रति क्विंटल है.

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चीनी मिल के लिए ये दोनों फैसले राहत लेकर आई है. चीनी मिल ये मांग कर रहे थे कि एफआरसी नहीं बढ़ाया जाए. क्योंकि चीनी की कीमतें उतनी नहीं बढ़ रही है, न तो हमारे पास उतनी नकदी है कि हम बढ़ी हुई कीमत चुका सकेंगे. चीनी मिलें किसानों को गन्ने की कीमत पिछले साल के बराबर ही चुकाएंगी. यानी चीनी मिलों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा.

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(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक-पॉलिसी एडिटर, सीएनबीसी आवाज़)
First published: July 24, 2019, 3:14 PM IST
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