इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल इक्विपमेंट कंपनियों के लिए सरकार ने खोली तिजोरी, 41 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान

केंद्रीय संचार मंत्री ​रविशंकर प्रसाद की फाइल फोटो

शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं. इनमें से एक यह भी है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को 40,995 करोड़ रुपये प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेटिव्स दिया जाएगा.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस के असर को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए 40,995 करोउ़ रुपये का प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेटिव्स देने का ऐलान किया है. केंद्रीय संचार मंत्री ​रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेग्मेंट में प्रोडक्शन के बूस्ट करने के लिए केंद्र सरकार 40,995 करोड़ रुपये देगी.

    रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'भारत को इलेक्ट्रॉनिक हब बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स भी इनमें से एक है. इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड-इंसेटिव्स देने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. हम अगले 5 साल में इसके लिए 40,995 करोड़ रुपये जारी करेंगे.'

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    उन्होंने आगे कहा कि कंपनियों की सेल्स में इजाफा करने और कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए यह इंसेटिव्स दिए जाएंगे. इस स्कीम का लाभ मिलने के बाद हम उम्मीद करते हैं कि भारत में साल 2025 तक मैन्युफैक्चरिंग रेवेन्यू की क्षमता बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये की हो जाएगी. संचार मंत्री ने कहा कि इस स्कीम के तहत मिलने वाले कुल रकम का 25 फीसदी हिस्से कैपिटल इन्वेस्टमेंट के तहत दिया जाएगा.

    मेडिकल डिवाइस का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी पैकेज
    बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बल्क ड्रग और मेडिकल डिवाइस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए भी विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा नए प्लांट लगाने औऱ उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए इंसेटिव्स मिलेगा. मेडिकल डिवाइस का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी इंसेंटिव पैकेज मिलेगा.

    4 राज्यों में मेडिकल पार्क बनाए जाएंगे
    कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी देते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ड्रग पार्क बनाने पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. एपीआई को बढ़ावा देने के लिए 6900 करोड़ रुपये खर्च होंगे. देश के 4 राज्यों में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाए जाएंगे. 3420 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

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