GSTN बनेगी सरकारी कंपनी, जानिए क्यों सरकार ने आज लिया ये फैसला

GSTN बनेगी सरकारी कंपनी, जानिए क्यों सरकार ने आज लिया ये फैसला
GSTN बनेगी सरकारी कंपनी, जानिए क्यों सरकार ने आज लिया ये फैसला

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि मंत्रिमंडल ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को सरकारी कंपनी में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2018, 5:06 PM IST
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कैबिनेट की बैठक में जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को 100 प्रतिशत सरकारी कंपनी बनाने की मंजूरी मिल गई है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि मंत्रिमंडल ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को सरकारी कंपनी में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. आपको बता दें कि जीएसटी नेटवर्क कंपनी (GSTN) में केंद्र और राज्यों सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यह कंपनी नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को आईटी ढांचा सुविधा उपलब्ध कराती है. (ये भी पढ़ें-SC में आधार के फैसले पर क्यों बार-बार हुई मनी बिल की बात, आइए जानें इसके बारे में...)

क्या है जीएसटीएन (GSTN)-जीएसटी का सॉफ्टवेयर संभालने वाली जीएसटीएन है. यह अब पूरी तरह सरकारी कंपनी बनेगी. जीएसटी काउंसिल इससे पहले जीएसटीएन को 100 फीसदी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी में बदलने को मंजूरी दे चुकी है. UPA सरकार ने जीएसटीएन का गठन 28 मार्च 2013 को एक निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में किया था. इसे नए कंपनी कानून की धारा आठ के तहत मुनाफे के लिए काम नहीं करने वाली कंपनी के तौर पर गठित किया गया है. (ये भी पढ़ें-बैंक अकाउंट समेत इन पांच चीजों के लिए अब जरूरी नहीं होगा आधार)

आज क्या हुआ फैसला- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंत्रिमंडल के फैसलों की संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि इसमें 50 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और शेष हिस्सेदारी समानुपातिक आधार पर राज्यों की होगी.GSTN) में केंद्र और राज्यों सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है.



क्यों लिया फैसला- GSTN, जीएसटी से संबंधित काम-काज संभालती है. इसीलिए इस पर सरकार की निगरानी जरूरी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा करने से डेटा लीक होने की आशंका काम हो जाएंगी.
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