सरकार ने डेयरी, पॉल्ट्री यूनिट्स के लिए 15 हजार करोड़ के इंफ्रा फंड को दी मंजूरी, 35 लाख नए रोजगार होंगे पैदा

पशुधन विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का कार्यक्रम
पशुधन विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का कार्यक्रम

Cabinet Decision: सरकार ने डेयरी, पोल्ट्री और मांस प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए प्राइवेट कंपनियों को 3 फीसदी तक इंटरेस्ट सबवेंशन (Interest Subvention) प्रदान करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के नए बुनियादी ढांचे की घोषणा की.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक (Cabinet Meeting) में पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए एनिमल हस्बैंडरी डेवलपमेंट फंड (Animal Husbandry Infrastructure Development Fund) को मंजूरी दी गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, सरकार ने डेयरी, पोल्ट्री और मांस प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए प्राइवेट कंपनियों को 3 फीसदी तक इंटरेस्ट सबवेंशन (Interest Subvention) प्रदान करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये के नए बुनियादी ढांचे की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया.

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा 15,000 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी गई है जो सभी के लिए खुली होगी और दूध उत्पादन बढ़ाने, निर्यात बढ़ाने और देश में 35 लाख नौकरियां पैदा करने में मदद करेगी.

प्राइवेंट कंपनियों को मिलेगी ब्याज में 3 फीसदी की छूट
पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नया इंफ्रास्ट्र्क्चर फंड 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का हिस्सा है, जो लॉकडाउन के कारण प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए घोषित किया गया है ताकि COVID-19 के प्रसार को रोका जा सके. उन्होंने कहा, पहली बार हम डेयरी, पोल्ट्री और मांस के लिए प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए प्राइवेट कंपनियों को 3 प्रतिशत तक इंटरेस्ट सबवेंशन देंगे.
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उन्होंने कहा, इस सेक्टर में प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने वालों को अपनी तरफ से सिर्फ 10 फीसदी पूंजी लगानी होगी. बाकी 90 फीसदी लोन सरकार देगी. इससे इस सेक्टर में 35 लाख नए रोजगार पैदा होंगे.

मुद्रा योजना के तहत शिशु लोन वाले 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी
सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की 'शिशु' श्रेणी के तहत कर्जदाताओं को 2 प्रतिशत इंटरेस्ट सबवेंशन देने का फैसला किया है. शिशु कैटेगरी के तहत लाभार्थियों को 50,000 रुपए कोलैटरल फ्री लोन दिया जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को पीएमएमवाई शुरू किया गया था. इसके तहत नॉन-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु / सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख तक का लोन दिया जाता है. ये लोन वाणिज्यिक बैंकों, आरआरबी, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, एमएफआई और एनबीएफसी द्वारा दिए जाते हैं.
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