कारोबारियों के लिए बड़ी खबर! केंद्र ने कपड़ा निर्यात पर टैक्‍स और शुल्‍क में छूट योजना जारी रखने को दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कपड़ा निर्यातकों को टैक्‍स व शुल्‍क छूट जारी रखने से रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी.

Cabinet Decisions: सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा कि कपड़ा निर्यातकों (Apparel Exporters) के लिए टैक्‍स व ड्यूटी में छूट की योजना 31 मार्च 2024 तक जारी रहेगी. इससे निर्यात बढ़ाने और रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी.

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    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने कपड़ा निर्यात (Apparel Export) के लिये राज्य व केंद्रीय करों और शुल्कों में छूट (ROSCTL) योजना मार्च 2024 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है. इससे कपड़ा निर्यातकों को केंद्रीय और राज्य करों (Central & State Taxes) पर पहले की तरह छूट मिलती रहेगी. इस पहल का मकसद टेक्‍सटाइल सेक्‍टर की (Textile Sector) प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में आरओएससीटीएल योजना जारी रखने को मंजूरी दे दी गई. यह मंजूरी उसी समान दर पर दी गई है, जिसकी अधिसूचना कपड़ा मंत्रालय ने परिधान निर्यात और चादर, कंबल, कालीन आदि के निर्यात के लिए जारी की थी.

    31 मार्च 2024 तक जारी रहेगी छूट योजना
    सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा कि योजना 31 मार्च 2024 तक जारी रहेगी. इससे निर्यात बढ़ाने और रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी. उन्‍होंने बताया कि जो क्षेत्र इस योजना के दायरे में आएंगे, उन्हें निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों से छूट (RODTEP) योजना का लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय की ओर से तैयार नियमों के अनुसार जो कपड़ा उत्पाद आओएससीटीएल योजना के तहत नहीं आएंगे, वे अन्य उत्पादों के साथ आरओडीटीईपी योजना का लाभ ले सकेंगे. योजना का क्रियान्वयन राजस्व विभाग करेगा. आओएसीसीटीएल योजना को जारी रखने और उसके क्रियान्वयन के बारे में कपड़ा मंत्रालय राजस्व विभाग की सलाह पर संशोधित दिशानिर्देश जारी करेगा.

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    वैश्विक स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धी बन सकेंगे उत्‍पाद
    कपड़ा और चादर, कंबल, कालीन जैसे मेड-अप प्रोडक्‍ट्स के लिये आरओएससीटीएल जारी रखने से करों व शुल्कों पर छूट से ये उत्पाद वैश्विक स्‍तर पर प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे. इस योजना के तहत निर्यातकों को निर्यात किए गए उत्पाद में करों और शुल्क के मूल्य के लिए एक ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप जारी की जाती है. निर्यातक इसका उपयोग उपकरण, मशीनरी या किसी अन्य कच्चे माल के आयात के लिए मूल सीमा शुल्क का भुगतान करने के लिए कर सकते हैं. इन ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप का व्यापार किया जा सकता है यानी अगर निर्यातक को अपने निजी उपयोग के लिए इसकी जरूरत नहीं है तो वे इसे किसी दूसरे आयातक को दे सकते हैं.

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    100 अरब डॉलर पहुंचेगा सालान निर्यात
    इससे पहले आरओएससीटीएल योजना के तहत परिधान के लिए छूट की अधिकतम दर 6.05 फीसदी थी, जबकि मेड-अप के लिए यह 8.2 फीसदी तक थी. इस फैसले के बारे में कपड़ा निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC) के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने कहा कि योजना को आगे बढ़ाए जाने से निर्यातकों को सभी कर प्राप्त करने और उत्पादों को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह योजना क्षेत्र में सकारात्मक भावनाओं को वापस लाने और भारतीय कपड़ा मूल्य श्रृंखला को अगले तीन साल में 100 अरब डॉलर का सालाना निर्यात हासिल करने में मदद करेगी.

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