राज्‍यों की Discoms को राहत! कैबिनेट ने वर्किंग कैपिटल लिमिट नियमों में दी ढील, ले सकेंगे ज्‍यादा कर्ज

राज्‍यों की Discoms को राहत! कैबिनेट ने वर्किंग कैपिटल लिमिट नियमों में दी ढील, ले सकेंगे ज्‍यादा कर्ज
कैबिनेट की बैठक में राज्‍यों की बिजली वितरण कंपनियों को राहत देते हुए वर्किंग कैपिटल लिमिट नियमों में ढील दे दी गई है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि कोरोना संकट के कारण बिजली खपत (Power Consumption) घटने से पावर सेक्‍टर परेशनी में आ गया है. बिजली बिलों के भुगतान में देरी से पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को नकदी की दिक्कत हो रही है. ऐसे में कैबिनेट ने पीएफसी (PFC) और आरईसी (REC) को DISCOMs को वर्किंग कैपिटल लिमिट के 25 फीसदी से ज्‍यादा लोन देने की अनुमति दे दी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 5:56 PM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अगुवाई में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक (Cabinet Meeting) में राज्‍यों की डिस्‍कॉम को राहत देने वाले फैसले को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने उज्‍ज्‍वल डिस्‍कॉम एश्‍योरेंस योजना (UDAY) के तहत राज्‍यों में काम करने वाली डिस्‍कॉम (DISCOMs) के लिए वर्किंग कैपिटल लिमिट नियमों (Working Capital Limit Norms) में ढील के प्रस्‍ताव पर मुहर लगा दी. इससे राज्‍यों की बिजली वितरण कंपनियां यानी डिस्‍कॉम सरकार की ओर से घोषित 90,000 करोड़ के आर्थिक पैकेज से ज्‍यादा लोन ले सकेंगी.

लॉकडाउन में खपत घटने से संकट में आईं डिस्‍कॉम
कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि कोरोना संकट के बीच लगाए गए लॉकडाउन के कारण पावर सेक्‍टर बिजली खपत (Power Consumption) घटने से परेशनी में आ गया है. वहीं, बिजली बिलों के भुगतान में देरी से पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को नकदी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) को वर्किंग कैपिटल लिमिट के 25 फीसदी से ज्‍यादा लोन देने की अनुमति दे दी गई है. कंपनियों को आसान शर्तों पर सस्ते लोन मिलेगा. इससे राज्‍यों में काम कर रही डिस्‍कॉम को नकदी का संकट पैदा नहीं होगा.


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नकदी संकट से जूझ रही डिस्‍कॉम को मिली राहत
जावड़ेकर ने बताया कि वर्किंग कैपिटल लिमिट पिछले साल के राजस्‍व की एक चौथाई है. अब इसमें ढील दे दी गई है. बता दें कि वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने मई में नकदी संकट (Cash Crunch) से जूझ रही बिजली वितरण कंपनियों के लिए 90 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी. दरअसल, कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए सख्‍त लॉकडाउन के कारण देशभर में कारोबारी गतिविधियां ठप हो गई थीं. इससे बिजली की खपत एकदम गिर गई और डिस्‍कॉम की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ा.

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कैबिनेट को इसलिए देनी पड़ी नियमों में ढील
आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद भी कुछ डिस्‍कॉम को वर्किंग कैपिटल लिमिट नियमों को पूरा नहीं कर पाने के कारण उदय योजना के तहत कर्ज नहीं मिल सका. बता दें कि उदय योजना के तहत बैंक और वित्‍तीय संस्‍थान डिस्‍कॉम की पिछले वर्ष की कमाई के 25 फीसदी से ज्‍यादा वर्किंग कैपिटल का कर्ज नहीं दे सकते हैं. ये पाबंदी उदय योजना का ही हिस्‍सा है. इसे कैबिनट ने नवंबर 2015 में मंजूरी दी थी ताकि कर्ज के बोढ में दबी कंपनियों को राहत मिल सके. इसके अलावा डिस्‍कॉम राज्‍य सरकारों की ओर से भी घोषित पैकेज के तहत लोन सकती हैं. हालांकि, कुछ कंपनियों दोनों ही प्रावधानों को पूरा नहीं कर पा रही थीं. इसलिए कैबिनेट ने नियमों में ढील के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है.
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