दिवाली से पहले सरकार का बड़ा तोहफा! 10 सेक्टर के लिए आएगी नई स्कीम, खर्च होंगे 2 लाख करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India)

देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड प्रमोशन स्कीम का ऐलान किया है. इस स्कीम के तहत जो भी इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री अपना प्रोडक्शन बढ़ाएगी उसे इंसेंटिव दिया जाएगा. कैबिनेट ने इसके विस्तार को मंजूरी दे दी है.

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  • Last Updated: November 11, 2020, 3:42 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले हुए है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने  पीएलआई स्कीम को मंजूरी दे दी है. इस स्कीम के तहत सरकार 5 साल में 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. देश के कुल 10 सेक्टर्स की कंपनियों को इससे फायदा होगा. ऑटो और ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों को सबसे ज्यादा इंसेंटिव देने की तैयारी है. आपको बता दें कि देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रोडक्शन लिंक्ड प्रमोशन स्कीम का ऐलान किया है. इस स्कीम के तहत जो भी इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री अपना प्रोडक्शन बढ़ाएगी उसे इंसेंटिव दिया जाएगा.

इलेक्ट्रिव व्हीकल में लगने वाली बैटरियों को बनाने वाली कंपनियों को भी बड़ा इंसेंटिव देने की तैयारी है. इन कंपनियों को 18 हजार करोड़ रुपये का इंसेंटिव मिल सकता है.





कौन-कौन से सेक्टर की कंपनियों को मिलेगा इंसेंटिव- ऑटो, ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियां, फार्मा, फूड प्रोडक्ट, व्हाइट गुड्स, एडवांस सेल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को इंसेंटिव मिल सकता है.
एडवांस केमिस्ट्री सेल बैट्री (Advance Chemistry Cell Battery) के लिए 18,100 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान किया गया है.

इलेक्ट्रोनिक/टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स (Electronic/Technology Products) के लिए 5000 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान हुआ.

ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर (Automobiles/Auto Components) के लिए 57 हजार करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान.

फार्मा सेक्टर के लिए 15000 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान हुआ.

टेलीकॉम और नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स के लिए 12,195 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान

टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स (MMF, Technical Textiles) के लिए 10683 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान किया है.

फूड प्रोडक्ट सेक्टर के लिए 10,900 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान.

हाई एफेसेंसी सोलर पीवी मॉडयुल्स के लिए 4500 करोड़ रुपये का ऐलान किया.

व्हाइट गुड्स एसी एंड एलईडी के लिए 6238 करोड़ रुपये का ऐलान.

स्पेशियलिटी स्टील सेक्टर के लिए 6322 करोड़ रुपये का ऐलान हुआ.



इन कदमों से क्या होगा-भारत सरकार कंपनियों को प्रोडक्टिव लिंक स्कीम इसलिए उपलब्ध कराना चाहती है, जिससे कि उन्हें भारत में निवेश करने में मदद मिले और भारत में इस बहाने रोजगार पैदा करने में सफलता मिले. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज के इस फैसले से करीब 10 सेक्टर को दो लाख करोड़ रुपये की मदद मिलेगी.

 केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इन फैसलों से देश में नए कंपनियां अपनी यूनिट लगाएंगे. लिहाजा, एक्सपोर्ट बढ़ेगा और ज्यादा लोगों को नौकरियां मिलेंगी.

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने इस साल अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के विकास के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड प्रमोशन स्कीम का ऐलान किया. इस स्कीम के तहत जो भी इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री अपना प्रोडक्शन बढ़ाएगी उसे इंसेंटिव दिया जाएगा.

इससे पहले सरकार ने कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम का ऐलान किया. इस स्कीम के तहत सरकार स्पेयरपाट्स जैसे सेमिकंडक्टर और इलेक्ट्रानिक उत्पादों में लगने वाले पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देने का ऐलान किया गया.

कैबिनेट का दूसरा फैसला- साल 2006 से ही देश में फिजिकल इन्फ्राट्रक्चर वाली कंपनियों को वायबिलिटी गैप फंडिंग की मदद मिल रही थी, अब भारत सरकार ने सोशल सेक्टर को भी वायबिलिटी गैप फंडिंग का फायदा मिल पाएगा. भारत सरकार इसके लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है.

वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, वाटर सप्लाई, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और हेल्थ एंड एजुकेशन सेक्टर को भी वायबिलिटी गैप फंडिंग का मामला फायदा मिल सकता है. इसमें पीपीपी मोड से निवेश किया जा सकता है.
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