Home /News /business /

घाटे में चल रही कंपनियों के CEO की सैलरी से जुड़ा नया कानून जल्द आएगा, सरकार की तैयारी पूरी

घाटे में चल रही कंपनियों के CEO की सैलरी से जुड़ा नया कानून जल्द आएगा, सरकार की तैयारी पूरी

अपराध की लिस्ट की जाएगी छोटी

अपराध की लिस्ट की जाएगी छोटी

मौजूदा अपराधों की सूची को दो तिहाई छोटा किया जा सकता है. यानी कुल 44 अपराधों को गैर-आपराधिक कैटेगरी में डालने का प्रस्ताव है. कैबिनेट में मंजूरी के बाद सरकार की योजना इसे बजट सत्र में पास कराने की है. सरकार कैबिनेट (Cabinet) में प्रस्ताव लाकर बजट में इसका ऐलान कर सकती है.

अधिक पढ़ें ...
    नई दिल्ली. घाटे में चल रही कंपनियों के लिए राहत की खबर है. नुकसान झेल रही कंपनियों के सीईओ (CEO) और टॉप मैनजेमेंट को सैलरी मिलती रहे, इसके लिए सरकार कंपनी कानून (Companies Act) में बदलाव कर सकती है. साथ ही मौजूदा अपराधों की सूची को दो तिहाई छोटा किया जा सकता है. यानी कुल 44 अपराधों को गैर-आपराधिक कैटेगरी में डालने का प्रस्ताव है. कैबिनेट (Cabinet) में मंजूरी के बाद सरकार की योजना इसे बजट सत्र में पास कराने की है. सरकार कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर बजट (Budget) में इसका ऐलान कर सकती है.सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक घाटा झेल रही कंपनी के टॉप मैनेजमेंट को राहत देने के लिए कंपनी कानून में बदलाव किए जा सकते हैं जिससे कि KMPs यानी मैनेजेरियल पर्सन को लगातार सैलरी मिलती रहे.

    सीईओ की सैलरी से जुड़े नए कानून की तैयारी
    कैबिनेट में इससे संबंधित कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा जाएगा. सरकार की बजट में इस नए बदलाव का ऐलान कराने की योजना है. इसके लिए अभी बैंक, क्रेडिटर्स और शेयरहोल्डर्स की सहमति जरूरी है. नए नियम पास होने पर शेयरहोल्डर्स स्पेशल रिजॉल्यूशन पास करके इसके लिए मंजूरी दे सकेंगे. इंफ्रा, टेलीकॉम, पावर सेक्टर को इसका फायदा मिल सकता है.

    ये भी पढ़ें: म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों को लिए बड़ी खबर! बजट में हो सकता है टैक्स छूट से जुड़ी नई स्कीम का ऐलान



    अपराध की लिस्ट की जाएगी छोटी
    इसके साथ ही कंपनी कानून में बदलाव कर अपराध की लिस्ट छोटी की जाएगी. CSR, डिस्क्लोजर, कंटेम्प्ट के मामलों में भी राहत मिल सकती है. 44 अपराधों को गैर-आपराधिक कैटेगरी में डाला जा सकता है.

    इज ऑफ डूइंड बिजनेस के लिए भी कानून में बदलाव किया जाएगा. कंपीटिशन कानून और IBC में स्पेशल बेंच के गठन का भी ऐलान हो सकता है.

    नॉन लिस्टेड कंपनियों को हर तिमाही देनी होगी जानकारी
    इसके अलावा नॉन लिस्टेड कंपनियों के डिस्लोजर नॉर्म सख्त किए जाने की भी तैयारी है. अब Registrar of Companies (RoC) को हर तिमाही आधार पर जानकारी देनी होगी.

    (आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

    ये भी पढ़ें: घर खरीदारों को LIC का तोहफा! 6 महीने नहीं देनी होगी घर की EMI, ऐसे उठाए फायदा

    Tags: Budget, Budget 2020, Business news in hindi, Modi government, Modi Government Budget

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर