Cafe Coffee Day के मालिक वीजी सिद्धार्थ लापता, 5 लाख में शुरू किया था कारोबार, आज है 4000 करोड़ की कंपनी

Cafe Coffee Day के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं. उन पर आयकर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया है और उनकी निवेश कंपनी सिवन सिक्यॉरिटीज कर्ज में डूबी हुई है.

News18Hindi
Updated: July 30, 2019, 9:14 AM IST
Cafe Coffee Day के मालिक वीजी सिद्धार्थ लापता, 5 लाख में शुरू किया था कारोबार, आज है 4000 करोड़ की कंपनी
Cafe Coffee Day के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं. उन पर आयकर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया है और उनकी निवेश कंपनी सिवन सिक्यॉरिटीज कर्ज में डूबी हुई है.
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Updated: July 30, 2019, 9:14 AM IST
भारत की नामी कॉफी चेन 'कैफे कॉफी डे' के फाउंडर वीजी सिद्धार्थ लापता बताए जा रहे हैं. सिद्धार्थ कर्नाटक के मंगलुरु स्थित नेत्रावती नदी के पास से गायब बताए जा रहे हैं. पुलिस और कोस्टगार्ड के टीम उनकी तलाश में जुटी है. सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमुंत्री एसएम कृष्‍णा के दामाद भी हैं. आइए आपको बताते हैं कैसे सिद्धार्थ ने शुरू की थी ये कंपनी.

कैसे हुई थी CCD की शुरुआत
कैफे कॉफी डे की शुरुआत जुलाई 1996 में बेंगलूरू की ब्रिगेड रोड से हुई. पहली कॉफी शॉप इंटरनेट कैफे के साथ खोली गई. इंटरनेट उन दिनों देश में पैठ बना रहा था. इंटरनेट के साथ कॉफी का मजा नई उम्र के लिए खास अनुभव था. जैसे-जैसे व्यवसायिक इंटरनेट अपने पैर फैलाने लगा, सीसीडी ने अपने मूल व्यवसाय कॉफी के साथ रहने का फैसला किया और देशभर में कॉफी कैफे के रूप में बिजनेस करने का निर्णय लिया. शुरुआती 5 वर्षों में कुछेक कैफे खोलने के बाद सीसीडी आज देश की सबसे बड़ी कॉफी रिटेल चेन बन गई है. इस समय देश के 247 शहरों में सीसीडी के कुल 1,758 कैफे हैं.

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कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी.जी. सिद्धार्थ का नाता ऐसे परिवार से है, जिसका जुड़ाव कॉफी की खेती की 150 वर्ष पुरानी संस्कृति से है. उनके परिवार के पास कॉफी के बागान थे, जिसमें महंगी कॉफी उगाई जाती थी. यह उनके कारोबार के लिए मददगार साबित हुआ, जो बाद में परिवार के लिए एक सफल व्यापार के रूप में स्थापित हुआ. 90 के दशक में कॉफी मुख्य रूप से दक्षिण भारत में ही पी जाती थी और इसकी पहुंच पांच सितारा होटल तक ही थी. सिद्धार्थ कॉफी को आम लोगों तक ले जाना चाहते थे. सिद्धार्थ का सपना और परिवार की कॉफी बिजनेस में गहरी समझ ही कैफे कॉफी डे की शुरुआत का कारण था.


सिद्धार्थ के पिता ने उन्हें कॉफ़ी का बिज़नेस करने के लिए 5 लाख रुपए दिए थे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वह इस बिज़नेस में असफल रहे तो उन्हें अपने पारिवारिक कारोबार में वापस आना होगा. आपको बता दें कि आज सीसीडी कंपनी की नेट वर्थ 4,067 करोड़ रुपये से ज्यादा की है.

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सिद्धार्थ के सितारे इन दिनों गर्दिश में 
माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरधारक वी.जी. सिद्धार्थ हैं, जो कैफे कॉफी डे के संस्थापक भी हैं. माइंडट्री की स्थापना के साल ही उन्होंने इसमें निवेश किया था, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 21 फीसदी पर पहुंचा दिया. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों सिद्धार्थ के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं. उनपर आयकर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया है और उनकी निवेश कंपनी सिवन सिक्यॉरिटीज कर्ज में डूबी हुई है. यही कारण है कि मुश्किलों से उबरने के लिए सिद्धार्थ माइंडट्री में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में थे.
First published: July 30, 2019, 8:50 AM IST
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