टैक्स विवाद में Cairn Energy को समाधान की उम्मीद, जानिए क्या है पूरा मामला

हाल ही में केयर्न एनर्जी ने भारत को एक पुराने टैक्स मामले में 1.4 अरब डॉलर की विदेशी संपत्ति जब्त करने की धमकी दी थी.

हाल ही में केयर्न एनर्जी ने भारत को एक पुराने टैक्स मामले में 1.4 अरब डॉलर की विदेशी संपत्ति जब्त करने की धमकी दी थी.

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (International Arbitration Tribunal) ने अपने फैसले में केयर्न को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारत सरकार से 1.4 अरब डॉलर देने को कहा है.

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नई दिल्ली. ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी (Cairn Energy Plc) ने वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के शीर्ष अधिकारियों के साथ 3 दिनों तक बातचीत के बाद कहा कि उसे 1.4 अरब डॉलर के मध्यस्थता फैसले (Arbitration Award) पर सौहार्दपूर्ण समाधान की उम्मीद है. कंपनी ने कहा कि वह शेयर होल्डर्स के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाती रहेगी.

भारत को 1.4 अरब डॉलर चुकाने का आदेश

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (International Arbitration Tribunal) ने अपने फैसले में केयर्न को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भारत सरकार से 1.4 अरब डॉलर देने को कहा है. न्यायाधिकरण ने दिसंबर में सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था कि भारत ने 2014 में ब्रिटेन-भारत द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन कर 10,247 करोड़ रुपये का टैक्स लगाया था.

केयर्न से सीईओ ने की वित्त सचिव से मुलाकात
केयर्न के सीईओ साइमन थॉमसन ने वित्त सचिव अजय भूषण पांडे और सीबीडीटी के चेयरमैन सहित आधा दर्जन से अधिक अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 18 फरवरी से 20 फरवरी के बीच चर्चा की, ताकि कंपनी को हर्जाना हासिल करने के लिए विदेश में स्थित संपत्ति को जब्त करने जैसे अतिवादी कदम न उठाना पड़े.

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कंपनी ने कहा कि वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पिछले दिनों दिल्ली में चर्चा सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक रही. कंपनी ने एक बयान में कहा, ''अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसला हमारे पक्ष में होने के बावजूद बिना किसी पूर्वाग्रह के हमने कई प्रस्तावों पर चर्चा की, जो भारत सरकार और केयर्न के शेयरधारकों के हितों के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य हो सकते हैं.''



न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ अपील कर सकती है सरकार

मामले से परिचित सूत्रों ने कहा कि सरकार न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रही है और उसका मानना है कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण किसी राष्ट्र के टैक्सेशन के अधिकारों पर सवाल नहीं उठा सकता.

केयर्न ने दी थी भारत को धमकी

एडिनबर्ग स्थित कंपनी ने पिछले महीने भारत सरकार को लिखा था कि पूर्व की तिथि से लगाए गए टैक्स पर मुकदमा हारने के बाद यदि सरकार 1.4 अरब डॉलर का भुगतान करने में विफल रहती है, तो कंपनी भारत सरकार की परिसंपत्तियों को जब्त करने के लिए मजबूर हो सकती है.

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शेयर होल्डर्स के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाती रहेगी केयर्न

ताजा बयान में केयर्न ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि एक स्वीकार्य समाधान पर पहुंचा जा सकता है, ताकि सभी पक्ष इस नकारात्मक मुद्दे को और अधिक लंबे समय तक टालने से बच सकें. हालांकि, हम यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि हम अपने शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे.
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