CAIT ने की मुकेश अंबानी, रतन टाटा, नवीन जिंदल की तारीफ! कहा-मुश्किल दौर में देश को उपलब्‍ध कराई निर्बाध ऑक्‍सीजन

कैट ने ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराने के लिए देश के प्रमुख उद्यमियों की तारीफ की है.

कैट ने ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराने के लिए देश के प्रमुख उद्यमियों की तारीफ की है.

कैट (CAIL) ने कहा कि उद्यमियों ने मुश्किल हालात में देश की मदद के लिए आगे आकर साबित किया, वे देश के असली बेटे-बेटियां हैं. उन्‍होंने तब मदद की जब देश में ऑक्‍सीजन (Oxygen) की कमी के कारण हाहाकार मचा हुआ है. हो सकता है कि हम सभी उद्यमियों (Industrialists) के बीच कुछ मतभेद हों, लेकिन राष्‍ट्र के लिए सभी एकसाथ खड़े हुए और आगे बढ़कर मदद की.

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  • Last Updated: April 25, 2021, 10:35 PM IST
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नई दिल्‍ली. व्‍यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने देश के कई प्रमुख उद्यमियों (Premier Industrialists) की कोरोना संकट के बीच मदद के लिए हाथ बढ़ाने को लेकर जमकर तारीफ की है. कैट के अध्‍यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि देश के प्रमुख उद्यमियों ने इस मुश्किल दौर में हर दिन मेडिकल ऑक्‍सीजन (Medical Oxygen) की निर्बाध आपूर्ति की. कैट ने कहा कि रिलायंस इंस्‍ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, टाटा समूह के रतन टाटा, जिंदल स्‍टील के नवीन जिंदल, वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल, इंडियन ऑयल के चेयरमैन माधव वैद्य ने हर दिन देश को ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराई.

'उद्यमियों ने साबित किया, वे देश के असली बेटे हैं'

भरतिया ने कहा कि इनके अलावा भारत पेट्रोलियम के चेयरमैन के. पदमाकर, सेल की चेयरमैन सोमा मंडल, जेएसडब्‍ल्‍यू के सज्‍जन जिंदल समेत कई उद्यमियों ने कोरोना संकट के बीच सराहनीय काम किया है. इन सभी ने मुश्किल हालात में देश की मदद के लिए आगे आकर साबित किया क‍ि वे वास्‍तव में देश के बेटे-बेटियां हैं. उन्‍होंने तब मदद की जब देश में ऑक्‍सीजन की कमी के कारण हाहाकार मचा हुआ है. भरतिया और खंडेलवाल ने कहा, 'हो सकता है कि हम सभी उद्यमियों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद हों, लेकिन राष्‍ट्र के लिए सभी एकसाथ खड़े हुए और आगे बढ़कर मदद की.

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कैट ने विदेशी कंपनियों को मदद नहीं करने पर लताड़ा

खंडेलवाल और भरतिया ने इस दौरान विदेशी कंपनियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भारत के सामने खड़े हुए मुश्किल हालात के बीच किसी भी विदेशी कंपनी ने आगे आकर हमारी मदद नहीं की है, जबकि ये कंपनियां हमारी जमीन पर कारोबार कर हर साल तगड़ा मुनाफा कमाती हैं. यही नहीं, कुछ कंपनियां गलत तरीकों का इस्‍तेमाल करके और कानूनों का उल्‍लंघन करके भी हर साल अरबों रुपये की कमाई कर रही हैं. वे हमारे कारोबार पर कब्‍जा करने की कोशिश कर रही हैं.' उन्‍होंने कहा कि भारतीय जनता को समझना चाहिए कि हमसे मुनाफा कमाने के बाद भी मदद नहीं करने वाली ये विदेशी कंपनियां हमारी नहीं हो सकतीं. हमें समझना चाहिए कि अपना फिर भी अपना है-कैसा भी हो संसार में.
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