दिवाली पर बाजारों में इस बार मिलेंगे खास मेक इन इंडिया सामान, जानिए इनके बारे में सबकुछ

पूरी तरह से भारत में बना यह सामान
पूरी तरह से भारत में बना यह सामान

Diwali 2020: कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि कैट ने अब हर दिवाली को हिन्दुस्तानी दिवाली के रूप में मनाने और चीनी वस्तुओं के पूर्ण बहिष्कार का आव्हान किया है. इसको देखते हुए व्यापारियों ने बाज़ार को भारतीय सामानों से सजाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 7:48 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दशहरे के बाद अब भारत के सबसे बड़े त्यौहार दिवाली (Diwali 2020) में केवल 20 दिन ही बचे हैं. देशभर के बाज़ारों में आज से दिवाली की बिक्री शुरू हो जायेगी. इसे लेकर व्यापारी वर्ग ख़ासा उत्साहित है. कोरोना काल (Coronavirus Pandemic) में यह त्यौहार इस बार बेहद विषम परिस्थितियों में मनाया जाएगा. लेकिन फिर भी व्यापारियों को उम्मीद है की कोरोना महामारी के कारण बर्बाद हुए व्यापार में थोड़ी जान आएगी. ऐसा भी अनुमान लगाया जा रहा है कि बीते आठ महीनों में कुछ और न खरीदने वाले उपभोक्ता बढ़ी संख्या में इस बार दिवाली की खरीददारी के लिए बाज़ारों में आएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान भी खासा अर डाल रहा है. वहीं देश ने इस बार चीनी सामानों के पूर्ण बहिष्कार का मन भी बना लिया है.

बाज़ारों में इसलिए खास होंगे यह आइटम
भरतिया और खंडेलवाल ने बताया की कैट ने अब हर दिवाली को हिन्दुस्तानी दिवाली के रूप में मनाने और चीनी वस्तुओं के पूर्ण बहिष्कार का आव्हान किया है. इसको देखते हुए व्यापारियों ने बाज़ार को भारतीय सामानों से सजाया है. इन सामानों में भारत में बनी लाइट तथा दिवाली से जुड़े सभी सामान जैसे दिये, मोमबत्ती, बिजली की लड़ियां, बिजली के रंग बिरंगे बल्ब, वंदनवार, घरो को सजाने के दूसरे सामान, रंगोली, शुभ लाभ के चिन्ह, पूजन सामग्री इत्यादि शामिल हैं.


पूरी तरह से भारत में बना यह सामान


यह वो सामान है जिसे स्थानीय कारीगरों ने बनाया है तथा बड़ी संख्यां में निचले तबके की महिला समूहों द्वारा बनाये गए हैं. इस साल दिवाली पर बाज़ारों में देश के स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों के हुनर देखने को मिलेगा. वैसे तो देश के सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर दिवाली से जुड़ी वस्तुओं को बनाया जा रहा है लेकिन ख़ास तौर पर दिल्ली, राजस्थान, बिहार, आसाम सहित उत्तर पूर्व राज्यों, पश्चिम बंगाल , झारखण्ड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कारीगरों ने दिवाली के लिए अपने-अपने राज्यों में मिलने वाले स्थानीय सामानों से अनेक आकर्षक वस्तुएं बनाई हैं.



जिससे इस वर्ष व्यापारियों को बड़े व्यापार की उमीदें है. वहीँ दूसरी तरफ इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिकल, मोबाइल, एफएमसीजी प्रोडक्ट, कंस्यूमर ड्युरेबल्स, फुटवियर और उपहार में देने वाली वस्तुएं, होम फर्निशिंग, रसोई के उपकरण, बर्तन आदि सामान से भी बाज़ार को सजाया गया है.

बाज़ारों को दिवाली से पहले सैनिटाइज किए जाने की मांग
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने दिवाली की तैयारियों के सम्बन्ध में बताते हुए कहा की कैट ने देश के सभी व्यापारिक संगठनों को यह सुझाव दिया है की स्थानीय प्रशासन से सहयोग लेते हुए सभी शहरों के बाज़ारों को पूरी तरह से सैनीटाइएज किया जाये. बाज़ारों में साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. इसके अलावा उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए बाज़ारों में लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की जाए. वर्तमान में अब भी आम लोग कोरोना के कारण भयभीत हैं और कहीं भी बाहर निकलने में कतरा रहे हैं ,ऐसे में उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाना जरूरी है की बाज़ार पूरी तरह से कोरोना से सुरक्षित हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज