CAIT का सुझाव, कोरोना संक्रमण रोकने के लिए विभिन्न सेक्टर के लिए हो अलग-अलग वर्किंग टाइम

लॉकडाउन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लॉकडाउन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में कोविड के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने से यह स्पष्ट हो गया है कि विभिन्न राज्यों में रात्रि कर्फ्यू और लॉकडाउन कोविड मामलों को नीचे लाने के वांछित परिणाम को पाने में असफल रहे हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना वायरस महामारी के प्रसार पर अंकुश के लिए लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू नहीं लगाने और उसकी जगह विभिन्न क्षेत्रों में काम के अलग-अलग समय की व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया है.

कैट ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा, ''रात्रि कर्फ्यू या लॉकडाउन अभी तक देश में कोविड के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने को लेकर प्रभावी कदम साबित नहीं हुए हैं. ऐसी स्थिति में यह अधिक उपयुक्त होगा यदि पूरे देश में विकल्प के तौर पर जिला स्तर पर बेहद मजबूती के साथ कोविड उपायों को अपनाया जाए और विभिन्न क्षेत्रों के काम के समय अलग-अलग किए जाए.''

पत्र में कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में कोविड के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने से यह स्पष्ट हो गया है कि विभिन्न राज्यों में रात्रि कर्फ्यू और लॉकडाउन कोविड मामलों को नीचे लाने के वांछित परिणाम को पाने में असफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि रात्रि कर्फ्यू या लॉकडाउन के बजाय अन्य वैकल्पिक उपलब्ध उपायों को अपनाया जाए, तो शायद कोविड के मामलों पर रोक लग सके.

यह भी पढ़ें: आंशिक लॉकडाउन का इकोनॉमी पर पड़ेगा बुरा असर, सर्वे में हुआ खुलासा
संगठन ने विभिन्न कारोबार और व्यावसाय के लिए अलग-अलग कामकाजी घंटे निर्धारित करने का सुझाव दिया है. कैट के अनुसार, ''हमारा सुझाव है कि सरकारी कार्यालयों, निजी दफ्तरों तथा अन्य कार्यालयों में कामकाज सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक हो सकता है जबकि बाजार और दुकानों को पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 5 बजे तक खोलने की अनुमति दी जा सकती है.''
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज