चीनी सामानों और Walmart-Amazon के चक्कर से भारतीयों को छुड़ाने के लिए शुरू हुआ 'व्यापार स्वराज्य अभियान'

Walmart-Amazon के चक्कर से भारतीयों को छुड़ाने के लिए शुरू हुआ अभियान
Walmart-Amazon के चक्कर से भारतीयों को छुड़ाने के लिए शुरू हुआ अभियान

CAIT ने आज गांधी जयंती के मौके पर "व्यापार स्वराज्य" अभियान शुरू करने की घोषणा की है. यह राष्ट्रीय अभियान चीन पर भारत व्यापार की निर्भरता को समाप्त करने के लिए है और विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों के चुंगल से बहार आने में मदद मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 1:47 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के लोकल पर वोकल (Vocal for Local) और आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) को प्रमोट करने के लिए. कंफेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने आज गांधी जयंती के मौके पर "व्यापार स्वराज्य" अभियान शुरू करने की घोषणा की है. यह राष्ट्रीय अभियान चीन पर भारत व्यापार की निर्भरता को समाप्त करने के लिए है. देश के रिटेल व्यापार को बहुराष्ट्रीय ई कॉमर्स कंपनियों (Multinational E Commerce companies) एवं अन्य विदेशी कंपनियों के कुटिल चंगुल से छुड़ाने का भी प्रयास है.

ये अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा 
संगठन का कहना है कि यह अभियान आज से शुरू हो कर 31 दिसंबर 2020 तक जारी रहेगा. कैट (CAIT) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत पर बल देते हैं. इसे ज़मीनी स्तर तक सफल बनाने तथा ई कॉमर्स सहित देश के घरेलू व्यापार को चीन सहित अन्य विदेशी कंपनियों के आक्रमण से मुक्त कराने के लिए वह कृत संकल्प हैं. इसी के अनुरूप "व्यापार स्वराज्य" देश के सभी राज्यों के शहरों, गांवों एवं कस्बों में करीब 40 हजार ज्यादा व्यापारिक संगठनों के माध्यम से चलाया जाएगा. इस व्यापार स्वराज्य अभियान के लिए कैट ने आज एक चार्टर भी जारी किया है.

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विदेशी कंपनियों के साथ भारत के व्यापारियों की आर पार की लड़ाई


खंडेलवाल का कहना है कि अब यह वालमार्ट एवं ऐमजॉन सहित तमाम विदेशी कंपनियों के साथ भारत के 7 करोड़ व्यापारियों की आर पार की लड़ाई है. वह चाहते हैं कि विदेशी निवेश (FDI) पॉलिसी का सख्ती से पालन हो. इसका उल्लंघन करने पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हो. किसी भी प्रकार की सरकार की ढुलमुल नीति को चुस्त-दुरुस्त किया जाना अब समय की आवश्यकता है. भारत के रिटेल व्यापार को विदेशी कंपनियां द्वारा उनकी मनमर्जी के कारण बर्बाद करने नहीं दिया जाएगा.

ई कॉमर्स व्यापार पर नजर रखने के लिए रेगुलेटरी अथॉरिटी गठन करने की मांग 
खंडेलवाल ने व्यापार स्वराज्य अभियान (Vyapar Swarajya abhiyan) के लिए एक चार्टर जारी करते हुए बताया की चार्टर में ई कॉमर्स व्यापार (E-Commerce Trade) के लिए तुरंत ई कॉमर्स पालिसी जारी हो. ई कॉमर्स व्यापार पर नजर रखने के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन हो. घरेलू व्यापार के लिए एक राष्ट्रीय व्यापार नीति की घोषणा हो. राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का तुरंत गठन, जीएसटी कानून की दोबारा समीक्षा कर उसको सरल बनाया जाए. सभी प्रकार के लाइसेंस निरस्त कर एक लाइसेंस की व्यवस्था हो, व्यापारियों को आसान शर्तों पर बैंकों से क़र्ज़ मिले. देश के व्यापारिक बाज़ारों का कायाकल्प हो, व्यापार पर लगे सभी कानूनों की दोबारा समीक्षा हो और गैर जरूरी कानूनों को रद्द किया जाए. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की दोबारा समीक्षा हो और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कम्पनी तथा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के द्वारा कारोबारियों को क़र्ज़ दिया जाए. देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोत्साहन स्कीम बने. देश भर के व्यापारियों का कम्प्यूटरीकरण करने के लिए एक पालिसी बने.
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