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cait welcomes modi government decision on crude oil and sugar export for decreasing inflation dlpg

क्‍या कच्‍चे तेल और चीनी निर्यात पर फैसले से रुकेगी महंगाई? कैट ने दिया जवाब

केंद्र सरकार के कच्‍चे तेल और चीनी निर्यात पर लिए गए फैसले से महंगाई में राहत मिलेगी.

केंद्र सरकार के कच्‍चे तेल और चीनी निर्यात पर लिए गए फैसले से महंगाई में राहत मिलेगी.

कैट का कहना है कि कच्चे तेल पर आयात शुल्क हटाने और चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध से निश्चित रूप से मुद्रास्फीति में कमी आएगी और आम आदमी लाभान्वित होगा. दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि कच्चे तेल पर आयात शुल्क हटाने के तहत, सरकार ने निश्चित किया है कि आयात करने के इच्छुक व्यक्तियों को टीआरक्यू लाइसेंस लेना होगा.

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    नई दिल्‍ली. कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और इससे संबंधित संगठन अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापार महासंघ (एबीकेवीएम) ने एक संयुक्त बयान में कच्चे सोयाबीन और कच्चे सूरजमुखी के आयात पर सीमा शुल्क हटाने के लिए केंद्र सरकार की सराहना की है. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और खाद्य तेल महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि सरकार का यह निर्णय महंगाई पर अंकुश लगाने और भारत के लोगों को राहत प्रदान करने का एक सार्थक और ठोस प्रयास है.

    खंडेलवाल और ठक्कर ने कहा कि भारत में मुद्रास्फीति अब तक के उच्चतम स्तर पर है. कच्चे तेल पर आयात शुल्क हटाने और चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध से निश्चित रूप से मुद्रास्फीति में कमी आएगी और आम आदमी लाभान्वित होगा. दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि कच्चे तेल पर आयात शुल्क हटाने के तहत, सरकार ने निश्चित किया है कि आयात करने के इच्छुक व्यक्तियों को टीआरक्यू लाइसेंस लेना होगा और उन्हें उनकी वार्षिक खपत के अनुपात में आयात करने की अनुमति दी जाएगी जो कि कई मायनों में जायज प्रतीत होता है लेकिन, यह और भी जरूरी है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि सरकार की मंशा के अनुसार इस कदम का लाभ उपभोक्ताओं को मिले और आयातक इस लाभ को अपने पास न रखें.

    खंडेलवाल और ठक्कर दोनों ने सुझाव दिया कि सरकार को एक निगरानी तंत्र तैयार करना चाहिए जिसके तहत आयातकों को शुल्क ख़त्म करने से पहले और बाद में तैयार उत्पाद की कीमत के बारे में सरकार को सूचित करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो कि उपभोक्ताओं तक लाभ पहुंचा है या नहीं.

    खंडेलवाल और ठक्कर ने कहा कि सरकार का एक और ऐतिहासिक निर्णय चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाना है जो एक और व्यावहारिक कदम है. यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि अर्जेंटीना चीनी का सबसे बड़ा निर्यातक देश है. इस साल अर्जेंटीना को लैनिनो मौसम का सामना करना पड़ा है और इस तरह अर्जेंटीना में चीनी उत्पादन में गिरावट आएगी और यह आशंका है कि वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतें बढ़ सकती हैं. ऐसी स्थिति के मद्देनजर, सरकार ने भारत में चीनी की कीमतों की मुद्रास्फीति सुनिश्चित करने के लिए चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो भारत के लोगों के व्यापक हित में है. ऐसे में मुद्रास्फीति से निपटने के लिए सरकार के इन दो सबसे महत्वपूर्ण कदमों की सराहना बनती है.

    Tags: Confederation of All India Traders, Crude oil, Sugar

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